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वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत?: रूस की प्रतिक्रिया पर विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब, जानें क्या कहा

Thu, 05 Feb 2026 02:23 PM IST
लव गौर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

Russian Oil Import: रूस के विदेश मंत्रालय ने भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्ते पर बयान दिया है। सरकार ने भरोसा जताया है भारत रूस के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा। ये बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि भारत रूसी तेल आयात करना बंद कर चुका है। जिस भारत की ओर से भी बयान जारी किया गया है।
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वेनेजुएला से तेल खरीद पर रूस और भारत का बयान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पारस्परिक टैरिफ को भी घटाकर 18 फीसदी कर दिया। साथ ही अमेरिका ने दावा किया है कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद कर यूएस और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसे लेकर रूसी विदेश मंत्रालय का बयान आया, जिसके बाद वेनेजुएला से तेल खरीद पर विदेश मंत्रालय ने भी अपना बयान जारी किया।
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'यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा'
रूस ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बरकरार और मजबूत रहने का भरोसा जताया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अगुआई वाली सरकार में विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि देश के पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप एक आजाद देश को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे क्या करना चाहिए। रूस को इस बात पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है कि 'भारतीय दोस्त' ने रूस के साथ ऊर्जा संबंधों को लेकर अपना नजरिया बदला है।
 

अमेरिका के दावे पर विदेश मंत्रालय का बयान
इधर, ट्रंप के दावे पर कि भारत रूस के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस सवाल पर न्यूज एजेंसी एएनआई को जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'जहां तक वेनेजुएला की बात है, यह एनर्जी के क्षेत्र में व्यापार और निवेश दोनों तरफ से हमारा पुराना साझेदार रहा है। हम 2019-20 तक वेनेजुएला से एनर्जी और कच्चा तेल आयात कर रहे थे, जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। फिर से हमने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद हमें इसे रोकना पड़ा। एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति हमारे नजरिए के मुताबिक भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के व्यावसायिक फायदों को देखने के लिए तैयार है।'
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मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया कि अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद संबंधी उसके दृष्टिकोण का मूल आधार है। जायसवाल ने अपने बयान में कहा, 'जहां तक भारत की ऊर्जा स्रोतों का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

आगे कहा कि बाजार की वस्तुनिष्ठ परिस्थितियों और विकसित हो रही अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के  सभी कदम इसी बात को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं और आगे भी इसी बात को ध्यान में रखकर की जाएंगी।

ये भी पढ़ें: US-India Deal: रूस से बंद कर अमेरिका-वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत, ट्रेड डील पर ट्रंप की प्रेस सचिव का बयान

वे किसी भी आपूर्तिकर्ता से खरीदने को स्वतंत्र: क्रेमलिन 
इससे पहले बुधवार (04 फरवरी) को रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि वे (भारत) किसी भी आपूर्तिकर्ता से खरीदने को स्वतंत्र है। 
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क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि हम अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञों की तरह यह अच्छी तरह जानते हैं कि रूस भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाला अकेला देश नहीं है। भारत हमेशा से अन्य देशों से भी ये उत्पाद खरीदता रहा है, इसलिए इसमें हमें कुछ भी नया नहीं है। 

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