रूस और यूक्रेन के बीच जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। पुतिन की सेना आए दिन आक्रामक होती जा रही है और चुन-चुनकर यूक्रेनी शहर में तबाही मचा रही है। अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने जो खुलासा किया है उसे जानकर पूरी दुनिया सन्न रह गई है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि दक्षिणी यूक्रेन के खेरासन क्षेत्र में मौजूद एक डैम में रूसी सैनिकों ने चारों ओर से बम और बारुद फिट कर दिए हैं। अगर ये डैम उड़ता है तो खैरासन में सैलाब आ जाएगा। हजारों लोग मारे जाएंगे।
जेलेंस्की ने ईयू से लगाई बचाने की गुहार
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने यूरोपियन यूनियन से इस तबाही से बचाने की गुहार लगाई है। जेलेंस्की ने अतंरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भेजने की मांग की है जो कि स्थिति का जायजा ले सके। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के नेतृत्व ने यूक्रेन के एनर्जी सिस्टम को जंग के मैदान को तब्दील करने का सिग्नल दे दिया है। जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूसी सेना डैम को ध्वस्त करने में कामयाब हो जाते हैं तो नॉर्थ क्रीमियन कैनाल पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, क्योंकि धमाके के बाद डैम का सारा पानी बह जाएगा। इससे जो तबाही होगी वो भी बड़े पैमाने पर होगी।
सामने आएंगी दो प्रमुख चुनौतियां
बता दें कि इसी डैम से दक्षिणी यूक्रेन के आवासीय इलाकों में पानी की सप्लाई होती है। डैम में अगर ब्लास्ट किया जाता है तो पूरा पानी बह जाएगा और लोगों को पानी का संकट का सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी चुनौती यह है कि अगर डैम में ब्लास्ट किया जाता है तो न्यूक्लियर पावर प्लांट की कूलिंग नहीं हो पाएगी जिससे बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा।
राजधानी कीव और आसपास के इलाकों में बिजली संकट
यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी डीटीईके ने एक ताजा फेसबुक पोस्ट में कहा है कि राजधानी कीव और आसपास के इलाकों के लोगों को लंबे समय तक बिजली और पानी आपूर्ति में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने कहा- रूस की गोलाबारी से देस्नीयान्स्की जिले में महत्त्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो गए हैं। इस कारण बिजली सप्लाई में रुकावट आई है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यही हालत कई दूसरे इलाकों में भी है।