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रूसी लड़ाकू विमानों ने काला सागर के ऊपर अमेरिकी बमवर्षक को घेरा

Mon, 31 Aug 2020 01:22 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : twitter
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बेलारूस के मुद्दे पर अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो देशों और रूस के बीच तनाव गहराता जा रहा है। नाटो के साथ जारी तनातनी के बीच रूस के दो लड़ाकू विमानों ने काला सागर के ऊपर अमेरिका के बमवर्षक विमान बी-52 को घेर को खतरनाक तरीके से घेर लिया। इसके बाद नाटो देशों में हड़कंप मच गया।

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यूरोप और अफ्रीका मामलों के कमांडर जनरल जेफ हैरिगियन ने कहा, घटना शुक्रवार की है। ब्रिटेन से उड़ान भरने के बाद बी-52 काला सागर के ऊपर गश्त लगा रहा था, तभी यह घटना हुई। दोनों विमान बेहद नजदीक तक आ गए थे। रूस विमान अमेरिकी बमवर्षक बी-52 के पास 100 फीट की दूरी से निकले। इससे हवा में विमानों के टकराने का खतरा बढ़ जाता है।


हालांकि, रूसी विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में थे। बताया जा रहा है कि दोनों रूसी लड़ाकू विमान क्रीमिया से उड़ान भरे थे। रूस ने नाटो के किसी भी हमले का जवाब देने और काला सागर के ऊपर निगरानी रखने के लिए क्रीमिया में लड़ाकू विमान तैनात कर रखे हैं।
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बेलारूस के मुद्दे पर नाटो और रूस के बीच तनाव बढ़ रहा है। रूस ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को अपना समर्थन दिया है, जबकि नाटो देश उनका विरोध कर रहे हैं।

26 साल से सत्ता पर काबिज अलेक्जेंडर ने आरोप लगाया है कि नाटो उनके देश में बंटवारा कराना चाहता है और उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश रच रहा है। नाटो और रूस के बीच तनाव को देखते हुए अमेरिका ने ब्रिटेन में अपने छह बी-52 परमाणु बमवर्षक विमानों को तैनात किया था। इनमें से कुछ परमाणु हथियारों से लैस हैं।

सैनिकों की संख्या कटौती करेगा अमेरिका
घटना ऐसे समय घटी है जब अमेरिका ने यूरोप खासकर जर्मनी से अपने सैनिकों में कटौती करने की चेतावनी दी है। अमेरिका नाटो का सदस्य देश है। वह चाहता है कि नाटो के सदस्य देश अपनी जीडीपी का 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करें। 

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