Russia On Trump Tariff Threat: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से रूस पर 100 फीसदी टैक्स लगाने की धमकी को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने खारिज कर दिया है। चीन में एससीओ बैठक के दौरान इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने रूस और उसके व्यापारिक साझेदारों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की बात कही थी। सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस पहले से ही भारी संख्या में प्रतिबंध झेल रहा है और फिर भी मजबूती से खड़ा है।
एससीओ बैठक के बाद बोले सर्गेई लावरोव
चीन के तिआंजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने कहा, 'हम पहले ही अभूतपूर्व प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। हम इसका सामना कर पा रहे हैं और मुझे कोई संदेह नहीं कि भविष्य में भी हम करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि कई स्वतंत्र पश्चिमी अर्थशास्त्री और राजनेता भी मानते हैं कि रूस इन परिस्थितियों में भी अपनी अर्थव्यवस्था को संभाल पा रहा है।
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ट्रंप ने दी थी 50 दिन की डेडलाइन
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में बयान दिया था कि अगर रूस ने 50 दिनों के भीतर यूक्रेन को लेकर अमेरिका से कोई समझौता नहीं किया, तो वह रूस और उसके व्यापारिक साझेदारों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगा देंगे। इस पर लावरोव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हम समझना चाहते हैं कि 50 दिन वाली यह बात क्या है। इससे पहले भी 24 घंटे या 100 दिन की डेडलाइन की बातें हुई हैं। हम जानना चाहते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति की मंशा क्या है।'
ईरान के परमाणु अधिकार का समर्थन
सर्गेई लावरोव ने यह भी बताया कि एससीओ के सभी देशों ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के अधिकार का समर्थन दोहराया है। उन्होंने कहा, 'हमारे देशों ने ईरान के शांतिपूर्ण उद्देश्य से परमाणु ऊर्जा उपयोग के वैध अधिकार को मान्यता देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।'
एससीओ में कौन-कौन देश हैं?
एससीओ यानी शंघाई सहयोग संगठन में अब 10 सदस्य देश हैं। जिसमें चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। इस समय एससीओ की अध्यक्षता चीन के पास है।