रूसी विदेश मंत्री ने कहा, यूक्रेन में अभी जो हो रहा है, वह अमेरिका और उसके उपग्रहों की वैश्विक हाईब्रिड युद्ध की तैयारी का परिणाम है। कोई भी इस तथ्य को नहीं छिपा रहा है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को नाटो पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारत और चीन के बीच समस्या उत्पन्न करने के लिए नाटो भारत को भड़काने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा नाटो का युद्धघोष यूरो-अटलांटिक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा है।
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2022 में रूसी कूटनीति के प्रदर्शन पर विदेश मंत्री ने कहा कि नाटो सिर्फ यूरोपीय महाद्वीप तक सीमित नहीं है। बीते साल जून में नाटो ने मैड्रिड शिखर सम्मेलन में घोषणा की थी कि मिलिट्री ब्लॉक की एक वैश्विक प्रतिबद्धता थी और यह खास तौर पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए था। उन्होंने कहा, इससे स्पष्ट है कि नाटो, भारत और चीन के बीच समस्याएं उत्पन्न करने में लगा हुआ है।
विकासशील देशों की विकास क्षमता बहुत बड़ी
लावरोव ने कहा कि आप आर्थिक रूप से विकसित हो रहे देशों को देखें। चीन और भारत हमारे रणनीतिक साझेदार हैं। इसके अलावा तुर्की, ब्राजील, अर्जेंटीना, मिस्र और कई अफ्रीकन देश हैं। उनके पास विशाल प्राकृतिक संसाधन हैं और उनकी विकास क्षमता बहुत बड़ी है। आर्थिक विकास के नए केंद्र उभर रहे हैं, जिन्हें पश्चिम रोकने में लगा हुआ है।
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यूक्रेन में जो हो रहा वह पश्चिमी देशों का परिणाम
रूसी विदेश मंत्री ने कहा, यूक्रेन में अभी जो हो रहा है, वह अमेरिका और उसके उपग्रहों की वैश्विक हाईब्रिड युद्ध की तैयारी का परिणाम है। कोई भी इस तथ्य को नहीं छिपा रहा है। यूक्रेन के साथ बातचीत की संभावनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि दर्जनों बार इस पर चर्चा और विचार किया जा चुका है। मैं स्पष्ट तथ्यों को दोहराना नहीं चाहता। मार्च 2021 से हमने वार्ता के लिए यूक्रेन के अनुरोध का समर्थन किया। इसके अलावा, हमने उस देश द्वारा प्रस्तावित मसौदा समझौता को अंतिम रूप दिया।