फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईरान पर बमबारी के बीच रूस की नई रणनीति?: विदेश मंत्री लावरोव की हुंकार- US और इस्राइल को हमले करने से रोकेंगे

Thu, 05 Mar 2026 07:28 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस ने कहा कि वह ऐसे हालात बनाने की कोशिश करेगा, जिससे अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई असंभव हो सके। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मॉस्को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर तनाव कम करने की कोशिश करेगा। पढ़िये रिपोर्ट
विज्ञापन
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस पश्चिम एशिया में गहराते तनाव के बीच ऐसी परिस्थितियां बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा, जिससे अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई को 'असंभव' बनाया जा सके। यह बात रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को कही। 
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बातचीत जारी रखेगा रूस: लावरोव
लावरोव राजदूतों की गोलमेज बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रूस क्षेत्र के देशों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ लगातार बातचीत जारी रखेगा। उन्होंने कहा, रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) और संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके। लावरोव ने कहा, रूस ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करेगा, जिससे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियानों को असंभव बनाया जा सकेगा। 

उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि पश्चिम एशिया में ऐसे हमलों पर रोक लगाई जानी चाहिए, जिनसे आम नागरिकों की मौत होती है। लावरोव ने कहा कि नागरिकों और नागरिक ढांचों को नुकसान से बचाना बेहद जरूरी है। 
विज्ञापन

 
लावरोव ने पूछा- सैन्य अभियानों का असली मकसद क्या है?
लावरोव ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए इसके उद्देश्यों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि खुद अमेरिकी नेता भी स्पष्टतौर पर नहीं बता पा रहे हैं कि इन अभियानों का अंतिम लक्ष्य क्या है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर हमलों का एक मकसद फारस की खाड़ी के देशों के बीच और ईरान व उसके अरब पड़ोसियों के बीच विभाजन पैदा करना भी हो सकता है। 

लावरोव ने कहा कि 'लायंस रोवर' और 'एपिक फ्यूरी' नाम से जारी इन अभियानों का असली मकसद क्या है, यह खुद अमेरिकी नेता भी नहीं बता पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई शक नहीं है कि ईरान पर हमलों का एक लक्ष्य खाड़ी देशों को आपस में बांटना और ईरान व उसके अरब पड़ोसियों की बच दूरी बढ़ाना भी हो सकता है। उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है, जब पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बदल रहे हैं। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के इलाके में संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे। इसके बाद तेहरान ने जवाबी हमले तेज किए हैं। 

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: अजरबैजान ने की ईरान के ड्रोन हमलों की निंदा, राजदूत तलब कर दी कार्रवाई की चेतावनी
विज्ञापन


पश्चिम एशिया संघर्ष ने छठे दिन में प्रवेश किया
ईरान ने कई अरब देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यह संघर्ष अब 6वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तेहरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइली ठिकानों को भी निशाना बनाया है। वहीं, इस्राइल ने भी तेहरान पर अपने हमले जारी रखे हुए हैं और संघर्ष का दायरा लेबनान तक बढ़ाते हुए हिजबुल्ला को निशाना बनाया जा रहा है। रूसी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि जिनेवा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई हालिया बातचीत सकारात्मक माहौल के साथ खत्म हुई थी। दोनों पक्ष कुछ समझौतों के करीब पहुंच गए थे। हालांकि, लावरोव ने आरोप लगाया कि बाद में अमेरिका ने यह कहना शुरू कर दिया कि ईरान उनकी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, यह एक रणनीति है।  


 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें