जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कॉल्ज ने कहा है कि यूक्रेन में क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन के लिए रूस भारी कीमत चुकाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन मामले में किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के सख्त रवैए के बाद अब जर्मनी ने भी रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कॉल्ज ने कहा है कि यूक्रेन में क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन के लिए रूस भारी कीमत चुकाएगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन मामले में किसी भी तरह का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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इस बीच रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और चीनी नेता शी जिनपिंग के बीच बुधवार को द्विपक्षीय रिश्तों व अंतरराष्ट्रीय मामलों पर वीडियो कॉल के जरिये एक शिखर वार्ता हुई। यूक्रेन सीमा के पास रूसी सेना के जुटने पर पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह शिखर सम्मेलन बेहद अहम माना जा रहा है। प्रारंभिक भाषण में दोनों नेताओं ने रूस-चीन संबंधों की सराहना की।
इस दौरान रूस के राष्ट्रपति ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 21वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की एक नजीर बताया। पुतिन ने कहा, हमारे देशों के बीच सहयोग का एक नया मॉडल तैयार किया गया है जो आंतरिक मामलों में दखल न करने, एक-दूसरे के हितों का सम्मान करने, साझा सीमा को शाश्वत शांति की बेल्ट में बदलने जैसे सिद्धांतों पर आधारित है।
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इस दौरान चीनी राष्ट्रपति ने कहा, पुतिन ने प्रमुख राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए चीन की कोशिशों का समर्थन करते हुए हमारे देशों के बीच दरार पैदा करने के प्रयासों का सख्त विरोध किया है। मैं इसकी सराहना करता हूं। बता दें कि मौजूदा दौर में रूस को यूक्रेन पर हमले की कोशिशों के लिए और चीन को शिनजियांग, तिब्बत व हांगकांग में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोपी ठहराया जा रहा है।