पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच रूस ने भी सभी पक्षों से तुरंत संघर्ष रोकने की अपील की है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद क्षेत्र में हिंसा का खतरनाक दौर शुरू हो गया है। रूस ने नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की मांग की है
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच रूस ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। इससे पहेल होर्मुज संकट पर चीन ने भी अमेरिका को चेतावनी दी थी। रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और इससे आम नागरिकों की जान पर खतरा बढ़ गया है। रूस ने कहा कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और इसे तुरंत रोकने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ता अपनाना जरूरी है।
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रूस ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में हिंसा का नया और खतरनाक दौर शुरू हो गया है। मंत्रालय के मुताबिक इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है और अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। रूस ने कहा कि इस संघर्ष का कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
रूस ने किन देशों पर लगाए आरोप?
रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाई ने मध्य पूर्व में हिंसा के अभूतपूर्व चक्र को जन्म दिया है। बयान में कहा गया कि यह हमला बिना उकसावे के किया गया था। रूस के अनुसार इस कदम ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और अब लगातार अधिक घातक हमले हो रहे हैं।
नागरिकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
रूस ने कहा कि इस युद्ध का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। मंत्रालय ने बताया कि ईरान और खाड़ी के अरब देशों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। रूस ने सभी पक्षों से अपील की कि वे नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे पर हमले बंद करें। बयान में कहा गया कि नागरिकों की मौत और पीड़ा को तुरंत रोकना जरूरी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी असर
रूस ने कहा कि इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। रूस के अनुसार इस मार्ग में बाधा आने से वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
राजनीतिक समाधान की पेशकश
रूस ने कहा कि वह इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। मॉस्को ने कहा कि उसके पास ऐसे संसाधन और कूटनीतिक क्षमता है जिससे दीर्घकालिक और स्थायी समाधान में मदद मिल सकती है। रूस ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है।