Russia-Ukraine War: रूस की विशेष सेनाओं ने कुर्स्क क्षेत्र में एक गैस पाइपलाइन का इस्तेमाल कर यूक्रेनी सैनिकों पर पीछे से हमला किया। यूक्रेनी सैनिक कुर्स्क में 50,000 से ज्यादा सैनिकों के हमलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें उत्तर कोरिया के सैनिक भी शामिल हैं।
रूसी सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में एक गैस पाइपलाइन के अंदर कई किलोमीटर तक घुसकर यूक्रेनी सैनिकों पर पीछे से हमला किया। रूस के सैनिक अपनी सीमा के अंदर उन हिस्सों पर फिर से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनको यूक्रेन ने एक चौंकाने वाले हमले के बाद अपने कब्जे में ले लिया था।
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यूक्रेनी सैनिकों ने पिछले साल अगस्त में कुर्स्क पर हमला किया था, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रूस पर सबसे बड़ा हमला था। कुछ ही महीनों में यूक्रेनी सैनिकों ने एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा हासिल कर लिया था, जिसमें रणनीतिक सीमा शहर सुडजा भी शामिल था और सैकड़ों रूसी सैनिकों को बंदी बना लिया था।
यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मकसद भविष्य में शांति वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत बनाना था और रूस को पूर्वी यूक्रेनी से अपने सैनिकों को हटाकर वापस उनकी सीमा में भेजने के लिए मजबूर करना था। लेकिन अब यूक्रेनी सैनिक कुर्स्क में रूस के 50 हजार से अधिक सैनिकों के हमलों का लगातार सामना कर रहे हैं। इनमें उत्तर कोरिया के सैनिक भी शामिल हैं।
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कीव के जनरल स्टाफ ने शनिवार को पुष्टि की कि रूस के विशेष बलों ने गैस पाइपलाइन का इस्तेमाल किया और सुडजा के पास अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पाइपलाइन का रास्ता अपनाया। यूक्रेनी सेना ने कहा कि इन सैनिकों का समय रहते पता लगा लिया गया था और यूक्रेनी सेना ने रॉकेट और तोपों से जवाब दिया। जनरल स्टाफ ने आगे कहा, अब रूसी विशेष बलों का पता लगा लिया गया है, उन्हें रोका जा रहा है। सुडजा में दुश्मन को बहुत नुकसान होगा।
सुडजा करीब पांच हजार निवासियों वाला एक छोटा सा शहर है। सुडजा करीब पांच हजार निवासियों वाला एक छोटा सा शहर है। यूक्रेन पर आक्रमण से पहले यह शह गैस को भेजने और मापने का एक अहम केंद्र था। यह पाइपलाइन से रूस की प्राकृतिक गैस को यूरोप भेजने का महत्वपूर्ण रास्ता था और यूक्रेनी क्षेत्र से होकर गुजरता था।