अमेरिका और रूस के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत दिख रहे है। कारण है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप के दूत स्टीव व्हिटकॉफ के बीच एक लंबी वार्ता हुई। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच यूक्रेन संकट के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई।
रूस और अमेरिका के बीच यूक्रेन युद्ध सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मतभेद कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। शुक्रवार को अमेरिका के विशेष दूत स्टीव व्हिटकॉफ ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ लगभग तीन घंटे तक लंबी बैठक की। इस बैठक में क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव और विदेशी निवेश प्रमुख किरिल दिमित्रेयेव भी शामिल थे। बता दें कि यह व्हिटकॉफ और राष्ट्रपति पुतिन के बीच चौथी मुलाकात थी।
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क्रेमलिन के अधिकारी ने दी जानकारी
राष्ट्रपति पुतिन और व्हिटकॉफ के बीच हुई बातचीत को लेकर क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने जानकारी दी। उन्होंने इसे रचनात्मक और उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे न सिर्फ यूक्रेन बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों की स्थिति पहले से करीब आई है। उन्होंने यह भी बताया कि बातचीत के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता की संभावना पर भी चर्चा हुई। वहीं मीडिया रिपोर्ट की माने तो अमेरिका और रूस अब सबसे सक्रिय मोड में संवाद जारी रखने पर सहमत हो गए हैं, जिससे भविष्य में ठोस समझौते की उम्मीद की जा रही है।
लंदन में हुई बैठक में नहीं पहुंचे थे प्रतिनिधि
गौरतलब है कि बीते बुधवार को यूक्रेन मुद्दे को लेकर बुधवार लंदन में एक बैठक भी हुई थी। हालांकि इस बैठक में प्रतिनिधित्व का स्तर घटने के बाद बैठक को विशेषज्ञ स्तर तक सीमित कर दिया गया, इसके बाद इस बात की संभावना तेज हो गई है कि अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन शांति वार्ता रुक सकती है।
क्रीमिया को लेकर रूस का रुख
कारण है कि रूस बैठक के दौरान अपना रुख साफ कर दिया था। रूस का कहना था कि जब तक यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और पश्चिमी यूरोपीय देश क्रीमिया को लेकर समझौते पर नहीं पहुंचते, तब तक शांति वार्ता में कोई बड़ी प्रगति की उम्मीद नहीं की जा सकती। अब ऐसे में स्टीव व्हिटकॉफ और पुतिन के बीच हुई ये वार्ता रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे जंग को खत्म करने में कारगर साबित हो सकती है।