रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग सोमवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई है, लेकिन अभी तक यूक्रेन ने हार नहीं मानी है। वह हर संभव तरीके से रूस से मुकाबला कर रहा है। इस बीच एक बार फिर यह खबर आई है कि रूस और यूक्रेन के बीच इस्राइल मध्यस्थता करना चाहता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के प्रमुख एंड्री यरमक ने यह जानकारी दी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि इस मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच जंग को रोकने को लेकर कुछ बात बन सकती है। इससे पहले रूस के हमले के कुछ दिनों बाद ही इस्राइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष में मध्यस्थता करने की पेशकश की थी। रूसी मीडिया का दावा है कि जेलेंस्की रूस के साथ हर मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार हैं। बताया जा रहा है कि जेलेंस्की ने यरुशलम में पुतिन से मिलने का प्रस्ताव रखा है।
इस्राइल क्यों करना चाहता है मध्यस्थता?
फिलहाल इस्राइल इस मामले में तटस्थ रहकर अपनी भूमिका निभा रहा है। वह संकट को कम करने के लिए रूस के साथ बातचीत कर रहा है। दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा के कारण ही इस्राइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट पांच मार्च की रात अचानक मास्को जा पहुंचे थे। इसी मसले को लेकर पुतिन और बेनेट के बीच ढाई घंटे से भी ज्यादा समय तक बातचीत हुई थी।