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'क्या उन्हें निशाना नहीं बना सकते': पुतिन के साथी ने की ब्रिटिश संसद पर हमले की मांग! कहा- कोई दिक्कत ही नहीं

Mon, 13 Feb 2023 09:00 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूस की सरकारी मीडिया के होस्ट और व्लादिमीर पुतिन के करीबियों में गिने जाने वाले व्लादिमीर सोलोवयोव हाल ही में एक शो के दौरान जनता से ब्रिटेन की संसद पर हमले से जुड़े सवाल पूछते सुने जा सकते हैं।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ व्लादिमीर सोलोवयोव। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच युद्ध शुरू हुए लगभग एक साल पूरे होने वाला है। इस बीच इस जंग का पलड़ा कभी रूस तो कभी यूक्रेन की ओर झुका दिखता है। हालांकि, ज्यादातर समय रूस ने ही अपनी आक्रामक क्षमता से यूक्रेन को नुकसान पहुंचाया है। इसके बावजूद पश्चिमी देशों की मदद से यूक्रेन भी समय-समय पर पलटवार करने में सफल रहा है। अब इस मदद पर रूस की निगाहें भी टेढ़ी हो रही हैं। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक करीबी साथी ने यूक्रेन के मददगारों को तबाह करने का जिक्र करते हुए ब्रिटेन की संसद पर हमले तक की मांग कर डाली। 
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रूस की सरकारी मीडिया के होस्ट और व्लादिमीर पुतिन के करीबियों में गिने जाने वाले व्लादिमीर सोलोवयोव हाल ही में एक शो के दौरान जनता से ब्रिटेन की संसद पर हमले से जुड़े सवाल पूछते सुने जा सकते हैं। उनका यह वीडियो यूक्रेन के गृह मंत्री के सलाहकार एंटॉन गेराशसेंको की तरफ से अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ साझा किया गया है। 

वीडियो में व्लादिमीर सोलोवयोव ऑडियंस से पूछते हैं- "क्या हम आखिरकार लंदन को निशाना नहीं बना सकते? इसमें दिक्कत ही क्या है? नहीं-नहीं, मैं सिर्फ सैन्य ठिकानों पर हमले की बात नहीं कर रहा, बल्कि संसद को निशाना भी बनाया जा सकता है।"
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'क्या पश्चिमी देश तय करेंगे कि रूस क्या है?'

इसी वीडियो में सोलोवयोव पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहते हैं- "वे (पश्चिमी देश) यूक्रेन को विमान देने जा रहे हैं, ताकि रूसी क्षेत्र पर भी हमला किया जा सके। इसी दौरान वे चालाकी से यह भी कह रहे हैं कि हम क्रीमिया को रूस का हिस्सा नहीं मानते। सोलोवयोव शो के दौरान पूछते हैं- "तो क्या अब आप (पश्चिमी देश) ही फैसला करेंगे कि रूस आपके लिए क्या है? रूस के लोग नहीं, कोई जनमत संग्रह या मतदान नहीं, बल्कि आप निर्णय करेंगे कि रूस हमारे लिए क्या है?
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'रूस के खिलाफ नाजी ताकतें एक साथ'

"ऐसे में हम भी किसी को मान्यता नहीं देंगे। हमारे लिए कोई इंग्लैंड नहीं होगा, कोई फ्रांस नहीं और न ही कोई जर्मनी। यह कुछ नाजी देश हैं जो कि रूस की हर चीज के खिलाफ खड़े हैं। इसलिए हमें गंभीर होने की जरूरत है। क्या उन्हें लगता है कि उनके कदमों की कोई सीमा नहीं है। ठीक है, हम उन्हें दिखाते हैं कि हमारी कार्रवाई की भी कोई सीमा नहीं है। उन पर हमला करते हैं।"
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