रूस-यूक्रेन जंग का आज 30वां दिन है। करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी यूक्रेन हार मानने को तैयार नहीं है और न ही रूस पीछे हटने को। इस संकट पर गुरुवार को नाटो की ब्रुसेल्स में आपात बैठक हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नाटो समिट को संबोधित किया।
बाइडेन ने कहा कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ रसायनिक हथियार का इस्तेमाल किया तो नाटो उसका जवाब देगा। उन्होंने कहा कि रूस जिस तरह के हथियारों का इस्तेमाल करेगा, नाटो उसी तरह के हथियारों से उसे जवाब देगा।
इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की हथियारों की कमी की सामना कर रहे हैं और उन्हें रोजाना एक हजार मिसाइलों की जरूरत है। यूक्रेन ने अमेरिका को बताया कि उसे रूसी सेना का मुकाबला करने के लिए प्रति दिन 500 जेवलिन और 500 स्टिंगर्स की जरूरत है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक उसे उपलब्ध कराए एक दस्तावेज के अनुसार, यूक्रेन पिछले कई दिनों में अमेरिकी सरकार से अतिरिक्त सैन्य सहायता लेने के लिए अपनी सूची को अपडेट कर रहा है। जिसमें पहले अनुरोध किए गए सैन्य सहायता की तुलना में अधिक एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-टैंक मिसाइलें मांगी हैं। साथ ही इस सूची में जेट, अटैक हेलीकॉप्टर और एस-300 जैसे विमान-रोधी सिस्टम भी शामिल है।
यूक्रेन ने पिछले हफ्ते यह सूची अमेरिका को दी है। हाल ही में अमेरिकी सांसदों को यह सूची सौंपी गई है। इस सूची में यूक्रेन ने अमेरिकी निर्मित स्टिंगर एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों और जेवलिन एंटी टैंक मिसाइलों की बढ़ती जरूरत पर जोर दिया है। यूक्रेन ने कहा कि उसे तत्काल इन हथियारों और उपकरणों की जरूरत है।