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Ukraine Conflict: अल्बानिया में यूरोपीय देशों का शिखर सम्मेलन, रूस-यूक्रेन के बीच युद्धविराम पर रहा जोर

Fri, 16 May 2025 07:54 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तिराना

सार

अल्बानिया में हुए एक दिवसीय यूरोपीय शिखर सम्मेलन में लगभग 50 देशों के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान मुख्य रूप से सभी नेताओं ने यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने पर जोर दिया। साथ ही संघर्ष विराम को लेकर रूसी राष्ट्रपति पुतिन के रवैये को लेकर सवाल भी खड़ा किया।  
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व्लादिमीर पुतिन, वोलोदिमीर जेलेंस्की - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को अल्बानिया की राजधानी तिराना में आयोजित यूरोपीय देशों के एक दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस बैठक में पूरे यूरोप की सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध सबसे बड़ा मुद्दा रहा। हालांकि शिखर सम्मेलन से पहले जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तुर्की में आमने-सामने बैठक का प्रस्ताव दिया था, ताकि युद्धविराम पर बात हो सके। लेकिन पुतिन ने खुद नहीं जाकर एक निचले स्तर का प्रतिनिधिमंडल भेजा, जिसको लेकर यूरोपीय नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पुतिन में गंभीरता की कमी बताया। 

युद्ध विराम पर वार्ता से पुतिन का किनारा

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युद्ध विराम पर वार्ता के लिए निचल स्तर के प्रतिनिधिमंडल को भेजे जाने पर नाटो महासचिव मार्क रूट्टे ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अब गेंद पुतिन के पाले में है। उन्हें गंभीरता से शांति की दिशा में कदम उठाना चाहिए। वहीं यूरोपीय आयोग प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लायन ने कहा कि पुतिन का रवैया दिखाता है कि वे शांति नहीं चाहते। उन्होंने रूस पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जो उसकी अवैध तेल आपूर्ति और वित्तीय क्षेत्र को निशाना बनाएंगे।

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प्रदर्शन और सुरक्षा पर भी चर्चा
अल्बानिया में आयोजित यूरोपीय देशों के एक दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न केवल यूक्रेन संकट पर चर्चा करना था, बल्कि यूरोप में असंवैधानिक प्रवासन और आर्थिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर भी विचार करना था। सम्मेलन में करीब 50 देशों के नेता शामिल हुए। वहीं इस सम्मेलन का दूसरा पहलू ये भी है कि हाल ही में चुनाव जीतने वाले अल्बानिया के प्रधानमंत्री एदी रामा ने सम्मेलन की मेजबानी को गर्व और प्रेरणा बताया। साथ ही कहा कि यह अल्बानिया की ईयू सदस्यता की दिशा में एक और कदम है।

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रूस और बेलारूस को नहीं दिया गया न्योता

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गौरतलब है रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर इस सम्मेलन के लिए रूस और उसके सहयोगी बेलारूस को आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि ईपीसी की अगली बैठक डेनमार्क में होगी। 

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