फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रईसी में जीने वाले बने शरणार्थी: निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसा रही रूसी सेना, यूक्रेन के 10 लाख से ज्यादा बच्चों का घर छूटा

Sat, 12 Mar 2022 02:17 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, प्रेज्मिस्ल (पोलैंड)।

सार

यूक्रेन से यूरोप आए शरणार्थियों में 10 लाख से ज्यादा बच्चे हैं। इनमें से कई रईस घरों के बच्चे हैं जो अब रातोंरात शरणार्थी बन चुके हैं। कोई पीछे छूटे पिता के लिए परेशान है तो किसी को दोस्तों की फिक्र है।
विज्ञापन
यूक्रेन से बेघर हुए लोग। - फोटो : वीडिया स्क्रीन ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन से बेघर हुए 20 लाख से ज्यादा लोगों ने यूरोप के कई शहरों में शरण ली है। उन्होंने युद्ध अपराध के मुकदमे के लिए सबूत भी जुटाए हैं। इनमें से कई लोग यूक्रेनी शहरों में रईसी की जिंदगी जी रहे थे लेकिन एक ही झटके में सब कुछ खत्म हो गया। अब ये लोग शरणार्थी हो चुके हैं और देश वापसी की आस खोते जा रहे हैं। उन्होंने बताया, रूसी सेना निहत्थों पर गोलियां बरसा रही है।

विज्ञापन


कीव छोड़कर आए इहोर दिकोव ने कहा कि उन्होंने रिहायशी क्षेत्रों में गोलीबारी की आवाज सुनी थी और सड़कों पर कई जगह शव पड़े हुए देखे। रूस ने सुरक्षित मानवीय गलियारा मुहैया कराने का वादा भी नहीं निभाया, वे निहत्थे नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं। यूक्रेन से यूरोप आए शरणार्थियों में 10 लाख से ज्यादा बच्चे हैं।

इनमें से कई रईस घरों के बच्चे हैं जो अब रातोंरात शरणार्थी बन चुके हैं। कोई पीछे छूटे पिता के लिए परेशान है तो किसी को दोस्तों की फिक्र है। 10 सालके अनामारिया मसलोव्स्का खारकीव के रहने वाले हैं। वह अपना सब कुछ गंवाकर मां के साथ यहां शरणार्थी बन गया है। उसे अपने दोस्तों की फिक्र है। 37 साल की विक्टोरिया फिलोनचुक अपनी एक साल की बेटी मारगोट और 3-4 साल के अन्य बच्चों के साथ कीव से रोमानिया पहुंची हैं। उन्होंने कहा, हम सब बड़े रईस थे लेकिन अब त्रासदी झेल रहे हैं। 
विज्ञापन



 
अमेरिका ने यूक्रेनी परिवार को देश में दी शरण की मंजूरी
अमेरिकी अधिकारियों ने एक यूक्रेनी महिला और उसके तीन बच्चों को देश में शरण लेने की मंजूरी दे दी है। महिला को बाइडन प्रशासन के व्यापक प्रतिबंधों के तहत अमेरिका में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया था। चौंतीस वर्षीय महिला और उसके तीनों बच्चे, जिनकी उम्र छह, 12 और 14 साल है, सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सैन डिएगो में दाखिल हुए। इससे पहले, संसद में बहुमत के नेता चक शूमर सहित डेमोक्रेटिक पार्टी के अन्य सांसदों ने महिला को अमेरिका में शरण देने से मना करने के बाइडन प्रशासन के फैसले की आलोचना की थी। लगातार बढ़ती आलोचनाओं के बीच बाइडन प्रशासन ने अपना फैसला पलटते हुए आखिरकार यूक्रेनी महिला और उसके बच्चों को अमेरिका में शरण देने की मंजूरी दे दी।

कनाडा जितने लोगों को संभव होगा शरण देगा : त्रूदो
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो ने पोलैंड की यात्रा के दौरान कहा कि यूक्रेन में युद्ध के कारण देश छोड़ रहे लोगों में से, जितनों को संभव होगा कनाडा शरण देगा। त्रूदो ने कहा कि जिंदा रहने के लिए अपना सब कुछ पीछे छोड़कर देश से निकल रहे यूक्रेन के लाखों लोगों को देखकर हमारा दिल पसीज जाता है। त्रूदो ने पोलैंड में कहा, कनाडा मदद करेगा, कनाडा आपकी मदद के लिए यहां मौजूद है। पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेजेज डूडा और प्रधानमंत्री माट्यूज जैकब मोराविएकी के साथ बातचीत के दौरान त्रूदो ने शरणार्थियों को पनाह देने में पोलैंड को मदद की पेशकश की। उन्होंने यूक्रेन का साथ देने और रूस पर कड़े प्रतिबंधों को जारी रखने के तरीकों पर भी चर्चा की। वारसॉ में त्रूदो ने अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें