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Russia-Ukraine War: अब एक नए और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है यूक्रेन संकट

Tue, 11 Oct 2022 04:01 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

Russia-Ukraine War: क्राइमिया को जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर विस्फोट के कुछ ही घंटों के बाद रूसी जांचकर्ताओं ने इसे आतंकवादी हमला बता दिया। इसके बाद खबर आई कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पुतिन ने कहा- ‘यूक्रेन ने खुद को सबसे गंदे आतंकवादी समूहों में शामिल कर लिया है...
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Russia-Ukraine War: रूसी सेना के यूक्रेन में मिसाइल हमले - फोटो : Twitter/ Stewart McDonald MP
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विस्तार
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यूक्रेन पर सोमवार को रूस के लगभग 75 मिसाइलें दागने के बाद यूक्रेन संकट के एक नए और ज्यादा खतरनाक मुकाम पर पहुंच गया है। इसके यहां से और भड़कने का अंदेशा जताया जा रहा है। मास्को स्थित विश्लेषकों का दावा है कि पश्चिमी देशों और यूक्रेन की गतिविधियों की वजह से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को विशेष सैनिक कार्रवाई में आक्रमण का नया पहलू जोड़ना पड़ा। खास कर यूक्रेन की कथित आतंकवादी कार्रवाइयों के बाद पुतिन यूक्रेन को माकूल जवाब देने के दबाव में थे। मिसाइल हमलों से यूक्रेन में सड़क और रेल यातायात और बिजली जैसे महत्त्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान होने का अनुमान है।

विश्लेषकों ने कहा है कि हाल में यूक्रेन की सेना ने खारकिव, दोनेत्स्क और खेरसोन इलाकों में अच्छी सफलता हासिल की। उन जगहों से रूसी सेना को पीछे हटना पड़ा। इससे पश्चिमी मीडिया में जश्न का माहौल देखा गया। पश्चिमी विशेषज्ञों ने इसे रूस की संभावित हार का संकेत बताया। इसी बीच रूस की मूल भूमि को क्राइमिया से जोड़ने वाले पुल पर विस्फोट की घटना हुई। इसके पहले अगस्त में मास्को में हुई एक आतंकवादी कार्रवाई में उग्र राष्ट्रवादी रूसी विचारक एलेक्जेंडर दुगिन की हत्या हुई थी। इसके लिए भी यूक्रेन को दोषी माना गया था।

क्राइमिया को जोड़ने वाले केर्च ब्रिज पर विस्फोट के कुछ ही घंटों के बाद रूसी जांचकर्ताओं ने इसे आतंकवादी हमला बता दिया। इसके बाद खबर आई कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। इस बैठक में पुतिन ने कहा- ‘यूक्रेन ने खुद को सबसे गंदे आतंकवादी समूहों में शामिल कर लिया है। यूक्रेन सरकार जिस तरह के अपराधों में शामिल हुई है, उसका जवाब ना देना अब असंभव हो गया है।’ इस बैठक की शुरुआत के पहले ही यूक्रेन पर मिसाइल हमलों की खबर आने लगी।

पश्चिमी विशेषज्ञों ने दावा किया है कि 150 मील लंबे केर्च ब्रिज पर विस्फोट यूक्रेन ने कराया, इसके कोई ठोस सबूत नहीं हैं। लेकिन रूसी सूत्रों ने ध्यान दिलाया है कि इस साल गर्मियों में इस ब्रिज के पास यूक्रेन के ड्रोन उड़ान भरते देखे गए थे। विस्फोट के बारे में प्रमुख रूप से दो तरह की चर्चाएं हैं। पहले कहा गया कि विस्फोटकों से भरे ट्रक के जरिए इस घटना को अंजाम दिया गया। फिर ड्रोन से विस्फोट कराने की संभावना पर चर्चा सामने आई।

अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो के आधार पर विस्फोट के कारण के बारे में कोई ठोस निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। जबकि रूसी जांच कर्ताओं ने कहा है कि ट्रक से विस्फोट हुआ, इसमें कोई शक नहीं है। विस्फोट ट्रक आत्मघाती चालक ने किया या ड्रोन के जरिए उस पर मौजूद विस्फोटकों में धमाका किया गया, इस बारे में जांच की जा रही है।  

रूसी विश्लेषकों ने विस्फोट के बाद यूक्रेन में सोशल मीडिया पर जताई गई खुशी का भी जिक्र किया है। उसके अलावा उन्होंने इस तरफ ध्यान खींचा है कि यूक्रेन के मेजर जनरल दिमित्रो मरचेन्को बीते जून में ही कहा था कि केर्च ब्रिज उनका ‘नंबर एक’ निशाना है।

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जानकारों का कहना है कि ये घटना यूक्रेन संकट के सिलसिले में एक अहम मोड़ बन गई है। इसके बाद दूसरे देशों के भी इस लड़ाई में उलझने की आशंका बन गई है। बेलारुस पहले ही ऐसा संकेत दे चुका है।

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