इस बीच यूक्रेन में भारतीय दूतावास एक बार फिर कीव से काम करना शुरू करेगा। इससे पहले युद्ध की वजह से बने हालात की वजह से इसे अस्थाई रूप से वारसॉ (पोलैंड) शिफ्ट कर दिया गया था।
यूक्रेन में युद्ध की शुरुआत के बाद से रूसी सैनिक के खिलाफ युद्ध-अपराध का पहला मुकदमा कीव में शुक्रवार को शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि रूसी सैनिक को एक टैंक इकाई से पकड़ा गया था। उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है और उस पर युद्ध के पहले सप्ताह के दौरान एक नागरिक की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।
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यूक्रेन की राजधानी के एक छोटे से कोर्ट रूम में बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे, जहां संदिग्ध की एक छोटे से शीशे के कटघरे में पेशी हुई। उसकी पहचान सार्जेंट वादिम शिशिमारिन के रूप में हुई है और उन पर उत्तरपूर्वी गांव चुपखिवका में 62 वर्षीय व्यक्ति के सिर में गोली मारने का आरोप है। युद्ध के कानूनों और नियमों से संबंधित यूक्रेनी आपराधिक संहिता की धारा में दंड के तहत उसे आजीवन कारावास तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कीव से होगा भारतीय दूतावास का परिचालन
यूक्रेन में भारतीय दूतावास एक बार फिर कीव से काम करना शुरू करेगा। इससे पहले युद्ध की वजह से बने हालात की वजह से इसे अस्थाई रूप से वारसॉ (पोलैंड) शिफ्ट कर दिया गया था। कीव से दूतावास का परिचालन 17 मई 2022 से शुरू होगा। इससे पहले 13 मार्च को दूतावास को अस्थाई रूप से वारसॉ में स्थानांतरित कर दिया गया था। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी थी।