युद्ध कब तक चला?
1914 से 1918 तक चला यह महायुद्ध यूरोप, एशिया और अफ्रीका तीन महाद्वीपों के जमीन, जल और आसामान में लड़ा गया था। करीब सात करोड़ सैनिक इस युद्ध में लड़े। जिसमें जर्मनी की हार हुई।
पहले विश्व युद्ध के लिए यूं तो 28 जून 1914 को ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य के उत्तराधिकारी आर्चड्यूक फर्डिनेंड की हत्या को प्रमुख और तात्कालिक कारण माना जाता है, लेकिन इतने बड़े युद्ध के लिए सिर्फ यही वजह नहीं थी बल्कि इसके कई और घटनाक्रम थे, जो विश्वयुद्ध के लिए जिम्मेदार थे। जैसे इसके लिए जर्मनी की नई अंतर्राष्ट्रीय विस्तारवादी नीति को भी दोष दिया जाता है। दरअसल 1890 में जर्मनी के नए सम्राट विल्हेम द्वितीय ने एक अंतर्राष्ट्रीय नीति शुरू की, जिसने जर्मनी को विश्व शक्ति बनाने की कोशिश की।
इसी का परिणाम रहा कि विश्व के अन्य देशों ने जर्मनी को एक उभरते हुए खतरे के रूप में देखा और फिर दुनिया दो गुटों में बंटती चली गई। 20वीं सदी में प्रवेश करते ही विश्व में हथियारों की दौड़ शुरू हो गई थी। वर्ष 1914 तक जर्मनी में सैन्य निर्माण में बहुत इजाफा हुआ। ब्रिटेन और जर्मनी दोनों ने इस दौरान अपनी नौ-सेना की ताकत भी काफी बढ़ा ली। इस वजह से युद्ध में शामिल देशों को और आगे बढ़ने में मदद मिली।
युद्ध की और वजह क्या?
प्रथम विश्व युद्ध होने की एक और वजह किसी प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था के अभाव को भी माना जाता है। उस समय ऐसी कोई संस्था मौजूद नहीं थी जो साम्राज्यवाद, सैन्यवाद और उग्र राष्ट्रवाद पर नियंत्रण कर विभिन्न राष्ट्रों के बीच संबंधों को सहज बनाने में मदद कर सके। उस समय विश्व का लगभग प्रत्येक राष्ट्र अपनी मनमानी कर रहा था। इस वजह से यूरोप की राजनीति में एक प्रकार की अराजक स्थिति बन गई थी।