रूस-यूक्रेन युद्ध के 66वें दिन भी रूसी सेना का कई यूक्रेनी शहरों पर हमला जारी रहा। उधर, यूक्रेनी बल भी दक्षिण और पूर्व में रूस को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कीव ओब्लास्ट में 900 लोगों की सामूहिक कब्र मिलने और 5 लाख यूक्रेनियों को अवैध ढंग से रूस ले जाने का आरोप लगाया है। जबकि रूस ने 10 लाख यूक्रेनियों को उनकी सहमति से यूक्रेन से निकालने की बात कही है।
रूसी सेना दोनबास क्षेत्र पर कब्जे के लिए लगातार हमले करते हुए आगे बढ़ रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस कार्रवाई की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के स्थायी प्रतिनिधि सर्गी किस्लित्सिया ने कहा कि पांच लाग यूक्रेनी लोगों को जबरन रूस ले जाया गया है। इनमें 1.21 लाख बच्चे भी शामिल हैं। इन्हें रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र सखालिन द्वीप पर भेजा गया है जो क्रूर सर्दियों और निर्जन इलाकों के रूप में जाना जाता है।
उधर, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 24 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को यूक्रेन से उनकी सहमति के साथ निकाले जाने की बात कही है। इनमें दोनेस्क और लुहांस्क क्षेत्र के लोग शामिल हैं, जिन्हें रूस ने हमले शुरू करने से ठीक पहले स्वतंत्र देश की मान्यता दी थी।
रूसी नागरिकता के लिए मजबूर कर सकते हैं पुतिन
माना जा रहा है कि यूक्रेनी नागरिकों के सखालिन द्वीप पर पहुंचने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उन्हें काम पर लगा सकते हैं और रूसी नागरिक बनने के लिए मजबूर कर सकते हैं। रूसी सरकारी टीवी के एक विशेषज्ञ की मानें तो पुतिन का इरादा यूक्रेनी होने के विचार को खत्म करने का था। उन्होंने कहा, यूक्रेनी होने के विचार को शुरू से अंत तक खत्म कर देना चाहिए।
दोनबास में यूक्रेन ने खोई बड़ी जमीन, रूसी सेना को भी नुकसान का दावा
यूक्रेन ने स्वीकार किया है कि रूसी सेना के खिलाफ युद्ध में दोनबास (दोनेस्क और लुहांस्क) क्षेत्र में उसे बड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन मुकाबले में रूसी सेना को भी खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उसके भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गए हैं और हथियार बर्बाद हुए हैं। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के 33 अरब डॉलर की सहायता के प्रस्ताव पर आभार जताया है।
यूक्रेनी सेना का खारकीव के निकट गांव पर फिर नियंत्रण
एक माह से ज्यादा समय तक रूसी कब्जे में रहे रुस्का लोजावा गांव से सैकड़ों लोगों को निकालकर नजदीकी खारकीव लाया गया है। खारकीव के क्षेत्रीय गवर्नर के अनुसार, भीषण लड़ाई के बाद गांव की लगभग आधी आबादी बसों, कारों या पैदल ही भाग निकली। लड़ाई में रूसी सैनिकों को खदेड़ दिया गया और यूक्रेनी सेना ने गांव को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है।
मारियूपोल से आम लोगों को निकालने के प्रयास में जुटा यूएन
संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन के युद्धग्रस्त मैरियूपोल शहर से आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की दृढ़ता से मांग करते हुए इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाने की बात कही है। इस बीच, मेयर वादिम बोईचेंको ने कहा कि शहर के स्टील संयंत्र में मौजूद आम नागरिक जिंदगी की भीख मांग रहे हैं। उधर, दो यूक्रेनी महिलाओं ने कहा है कि मैरियूपोल स्टील प्लांट का बचाव कर रहे उनके रक्षक पतियों के साथ नागरिकों को किसी भी तरह से बाहर निकालें। उन्हें डर है कि रूसी सेना ने संयंत्र पर कब्जा किया तो सैनिकों को प्रताड़ित किया जाएगा और मार दिया जाएगा।