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रूस-यूक्रेन संघर्ष: डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम विफल, विक्ट्री डे पर भी नहीं थमी जंग!

Mon, 11 May 2026 12:18 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, मॉस्को/ कीव

सार

शांति की मेज पर सजी ट्रंप की उम्मीदें बारूद के धुएं में उड़ गई हैं। चार साल से जारी इस जंग में भरोसा इतना कम है कि विक्ट्री डे की खुशी पर भी मिसाइलों का साया मंडरा रहा है। एक बार फिर रूस-यूक्रेन ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब क्या हुआ? खबर में जानिए...
 
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यूक्रेन-रूस जंग - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका की ओर से कराई गई तीन दिवसीय संघर्षविराम की कोशिशें धराशायी होती दिख रही हैं। रविवार को रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर सीजफायर तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए। पिछले 24 घंटों में ड्रोन हमले में दोनों पक्षों के कई लोगों की मौत की खबरें आई हैं।
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राष्ट्रपति जेलेंस्की का पलटवार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने शांति की कोई कोशिश नहीं की। उनके अनुसार, मोर्चे पर कहीं भी शांति का माहौल नहीं रहा। जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेन ने बड़े रूसी हमलों के अभाव में जवाबी कार्रवाई से परहेज किया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस पूर्ण युद्ध पर वापस लौटा, तो यूक्रेन का जवाब तत्काल और प्रभावी होगा।

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जमीन पर जारी रही खूनी जंग
मैदान-ए-जंग से नुकसान की खबरें लगातार आ रही हैं। जापोरिज्जिया क्षेत्र के प्रमुख इवान फेडोरोव के अनुसार, रूसी हमलों में एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यूक्रेन के अन्य हिस्सों में भी 16 लोग घायल हुए हैं। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन पर 1,000 से अधिक बार संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप लगाया है। रूस का दावा है कि यूक्रेन ने नागरिक ठिकानों और सैन्य चौकियों को निशाना बनाया है।
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ट्रंप की शांति पहल 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विक्ट्री डे के अवसर पर इस तीन दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी। ट्रंप इसे युद्ध के अंत की शुरुआत मान रहे थे। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव ने संकेत दिए कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जल्द मॉस्को आ सकते हैं। हालांकि, रूस अपनी पुरानी मांग पर अड़ा है। रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र से अपनी सेना पूरी तरह हटा ले। जब तक ऐसा नहीं होता, बातचीत के दौर बेनतीजा रहने की आशंका है।

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