जेलेंस्की को नोबल शांति पुरस्कार देने की मांग
यूरोपीय देशों के कई नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को साल 2022 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग की है। इन नेताओं ने इसके लिए नोबेल पुरस्कार समिति से नामांकन प्रक्रिया को 31 मार्च तक आगे बढ़ाने की मांग की है। इन नेताओं ने कहा, राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूक्रेन के लोगों को मौका देने के लिए नामांकन प्रक्रिया को फिर से खोला जाए। इस वर्ष के शांति पुरस्कार की घोषणा अक्तूबर के पहले सप्ताह में हो सकती है। वर्ष 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए 251 व्यक्तियों और 92 संगठनों ने आवेदन किया है।
विदेशियों द्वारा रूसी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर रूस ने लगाया नियंत्रण
रूस ने अपने देश की संपत्तियों की खरीद-बिक्री की अनुमति मांगने वाले विदेशियों के लिए नियम बेहद कड़े कर दिए हैं। रूस पर लगे कड़े प्रतिबंधों के कारण अधिकांश अंतरराष्ट्रीय फर्म जल्द से जल्द अपनी संपत्तियां बेचना चाहती हैं। रूस ने इस महीने विदेशियों के रूसी संपत्ति के व्यापार पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि वह किसी राजनीतिक दबाव के कारण लोगों को रूसी संपत्ति से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देगा। अब यह प्रावधान किया गया है कि रूसी संपत्ति का कारोबार करने वाले विदेशियों को आवेदन प्रक्रिया में विस्तार से सारी जानकारी देनी होगी और वित्त मंत्रालय इसका अध्ययन करेगा।
निरंकुश, हत्यारे व ठग हैं पुतिन : बाइडन
राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध अपराधी कहने के एक दिन बाद उन्हें निरंकुश शासक, हत्यारा और एक विशुद्ध ठग भी कहा है। बाइडन ने कैपिटल हिल में सेंट पैट्रिक दिवस पर वार्षिक फ्रैंड्स ऑफ आयरलैंड लंच में बोलते हुए कहा कि पुतिन एक हत्यारा तानाशाह और एक विशुद्ध ठग है जो यूक्रेनियों के खिलाफ अनैतिक युद्ध छेड़ रहा है।
बिगड़ते मानवीय हालात से चिंतित है भारत : तिरुमूर्ति
भारत के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने कहा है कि देश ने यूक्रेन से 22,500 भारतीयों की वापसी के साथ-साथ 18 अन्य देशों की उनके नागरिकों को निकालने में भी मदद की है। उन्होंने यूक्रेन में बिगड़ते मानवीय हालात पर चिंता जताते हुए प्रभावित लोगों की मानवीय जरूरतों का निदान करने की ‘तत्काल जरूरत’ बताई। यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग में तिरुमूर्ति ने कहा, यह अहम है कि मानवीय उपाय हमेशा मानवता, तटस्थता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों से निर्देशित हों।