यूक्रेन में मौजूद भारतीय दूतावास ने शनिवार (पांच मार्च) को बताया कि छात्रों को संकट से निकालने के लिए बसें पिसोचिन पहुंच गई हैं। जल्द ही, वे पश्चिम की ओर रवाना हो जाएंगी।
रूस-यूक्रेन के युद्ध की वजह से काफी भारतीय छात्र यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं। इनमें से कुछ छात्र पिसोचिन में मौजूद हैं, जिन्हें निकालने के लिए तीन बसें पहुंच चुकी हैं। यूक्रेन में मौजूद भारतीय दूतावास ने शनिवार (पांच मार्च) को बताया कि छात्रों को संकट से निकालने के लिए बसें पिसोचिन पहुंच गई हैं। जल्द ही, वे पश्चिम की ओर रवाना हो जाएंगी। दूतावास ने बताया कि जल्द ही और भी बसें भेजी जाएंगी।
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अब तक 63 उड़ानों से लाए गए 13300 भारतीय
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 15 उड़ानें भारत पहुंचीं हैं। इनमें लगभग 2900 भारतीयों को निकाला गया है। ऑपरेशन गंगा के तहत 63 उड़ानें अब तक लगभग 13,300 भारतीयों को लेकर भारत पहुंचीं हैं। अगले 24 घंटों में 13 और फ्लाइट शेड्यूल हैं। उन्होंने कहा कि अब हम देखेंगे कि अब भी कितने और भारतीय यूक्रेन में हैं। दूतावास उन लोगों से संपर्क करेगा, जिनके वहां होने की संभावना है, लेकिन अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
खारकीव-पिसोचिन से निकाले गए सभी भारतीय
बागची ने बताया कि यूक्रेन के खारकीव शहर से लगभग सभी भारतीय नागरिकों को निकाल लिया गया है। अगले कुछ घंटों में पिसोचिन और खारकीव से हम सभी लोगों को निकाल लेंगे। जहां तक मुझे जानकारी है खारकीव में अब कोई भारतीय नहीं बचा है। अब हमारा मुख्य ध्यान सूमी पर है। वहां लगातार जारी हिंसा और यातायात की कमी बड़ी चुनौती हैं। सबसे अच्छा विकल्प युद्ध विराम है।