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Russia Ukraine Crisis : यूक्रेन में स्वतंत्रता दिवस पर रूस ने सीमा पर तैनात किए हथियार, भारी बमबारी की आशंका

Thu, 25 Aug 2022 01:54 AM IST
योगेश साहू न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कीव।

सार

Russia Ukraine Crisis : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व वाला प्रशासन यूक्रेन की सेनाओं को करीब तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता जारी करने की घोषणा कर सकता है। आने वाले सालों में यूक्रेनी सैनिकों को लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करने के वास्ते यह राशि जारी की जा सकती है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध- T14 आर्मटा मुख्य युद्धक टैंक - फोटो : Agency
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विस्तार
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Russia Ukraine Crisis : यूक्रेन ने बुधवार को रूस से जारी युद्ध के बीच अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दिन यूक्रेन पर रूसी हमले को शुरू हुई ठीक छह माह भी पूरे हुए हैं। इसी दिन रूस ने यूक्रेनी सीमा के पास कई और मिसाइलें और हथियारों की तैनाती की है। इन मिसाइलों में एस-300 और टैंक भेदी तोपें शामिल हैं।

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इससे पहले रूस की कई ट्रेनें यूक्रेन की सीमा के पास बड़े हमले की तैयारी में हथियार और रसद लेकर पहुंच चुकी हैं। यूक्रेनी एनजीओ स्टार्टकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस आगामी दिनों में यूक्रेन के नागरिक ढांचे और सरकारी इमारतों पर हमले शुरू करने की योजना बना चुका है। उधर, सोवियत संघ टूटने पर मिली आजादी की सालगिरह पर कीव के निवासी बुधवार की सुबह सायरन की आवाज सुनकर जागे। 

रूसी बमबारी की आशंका में राष्ट्रीय छुट्टी पर कीव में बड़े जमावड़े पर पहले ही पाबंदी लगा दी गई। इस बीच, बुधवार को कीव के व्यस्त इलाके में बहुत कम संख्या में लोग जुटे। यहां नष्ट हो चुके रूसी टैंक और मोबाइल तोपखाने सप्ताहांत में प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने यहां राष्ट्रगान भी गाया। 
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भारत ने की यूक्रेन में शांति की कामना
भारत ने यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस की 31वीं वर्षगांठ पर उसे बधाई दी और युद्धग्रस्त पूर्वी यूरोपीय देश के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और उज्जवल भविष्य की कामना की। यूक्रेन में भारत के दूतावास ने ट्वीट कर कहा कि हम यूक्रेन के साथ व्यापक संबंधों के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मौके पर लैटिन अमेरिकी दौरे पर गए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेनी विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा को बधाई दी और अच्छे द्विपक्षीय रिश्तों की कामना की।

परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर भारत चिंतित
भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा कि वह यूक्रेन में जपोरिझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थिति को लेकर चिंतित है क्योंकि इसके जुड़ी किसी भी दुर्घटना के विनाशकारी नतीजे हो सकते हैं। सुरक्षा परिषद में बोलते हुए देश की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा, भारत विश्व परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा सुरक्षा उपायों व निगरानी गतिविधियों के निर्वहन को अपने कानून के अनुसार उच्च प्राथमिकता देता है।

यूक्रेन से रूसी सेना को खदेड़ने का संकल्प
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश की स्वाधीनता के 31 वर्ष पूरे होने पर यूक्रेन से रूसी सेना को पूरी तरह खदेड़ने का संकल्प लिया। साथ ही कहा कि यूक्रेन का उस वक्त पुनर्जन्म हुआ था जब छह माह पहले रूस ने उस पर आक्रमण किया था। उन्होंने कहा, 24 फरवरी को सुबह 4 बजे दुनिया में एक नया राष्ट्र दिखाई दिया। इस रूसी हमले ने देश में राष्ट्रवाद की भावना को पुनर्जीवित किया। सही मायनों में इस दिन यूक्रेन का पुनर्जन्म हुआ क्योंकि न तो यह देश रोया, न चिल्लाया और न ही रूस से डरा। बाद में जेलेंस्की व उनकी पत्नी ने यूक्रेन के सभी धार्मिक नेताओँ के साथ समारोह में भाग लिया।

अमेरिका देगा तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त मदद
बाइडन प्रशासन यूक्रेन की सेनाओं को करीब तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता जारी करने की घोषणा कर सकता है। आने वाले सालों में यूक्रेनी सैनिकों को लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करने के वास्ते यह राशि जारी की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि इस पैकेज को तीन प्रकार के ड्रोन तथा अन्य हथियार और उपकरणों के अनुबंधों पर खर्च किया जा सकेगा। इसमें छोटे, हाथ से चलाए जा सकने वाले प्यूमा ड्रोन, लंबी दूरी के स्कैन ईगल निगरानी ड्रोन और पोत से छोड़े जा सकने वाले ब्रिटिश वैम्पायर ड्रोन प्रणाली शामिल है।
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भारतीय कंपनियों ने नहीं की रूस पर प्रतिबंधों की अनदेखी : अमेरिका
यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को भारतीय कंपनियों द्वारा दरकिनार करने का कोई प्रमाण नहीं है। यह बात अमेरिकी सरकार में उप वित्त मंत्री वैली अडेयेमो ने कही है। आईआईटी-बॉम्बे में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, भारत, अमेरिका और यूरोप समेत दुनियाभर की कंपनियां रूस पर लगे प्रतिबंधों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें लागू कर रही हैं।

भारतीय कंपनियों द्वारा इनकी अनदेखी का कोई सबूत नहीं है। यह टिप्पणी रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा के हवाले से छपी उन रिपोर्टों के बाद आई है, जिनमें भारतीय कंपनियों को लेकर अमेरिका की चिंता जाहिर की गई थी। इनमें कहा गया था कि अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन का निर्यात करने के लिए भारत का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी होगी चर्चा
वह भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत में रूस और यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ द्विपक्षीय विषयों पर चर्चा करेंगे। हमें तात्कालिक चिंताओं से भी आगे बढ़कर देखने की जरूरत है, जिसमें महंगाई समेत कई आर्थिक मुद्दे शामिल हैं। इस जंग के कारण ही भारतीय उपभोक्ताओं को ऊर्जा के लिए पहले से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।
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