बढ़ती महंगाई में राहत की उम्मीद
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 22 जुलाई को इस्तांबुल में किए गए सौदों के अनुरूप अन्य जहाज भी सुरक्षित गलियारों के माध्यम से यूक्रेनी बंदरगाहों से रवाना होंगे। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं दी, लेकिन माना जा रहा है कि यदि सुरक्षित गलियारों से अनाज की खेप रवाना होने लगी तो दुनिया में अनाज की कमी से आ रही महंगाई में काफी कमी आएगी। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में रूस, यूक्रेन व तुर्की के बीच हुआ यह समझौता यूक्रेन को 2.2 करोड़ टन अनाज और अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात करने की अनुमति देता है। यह अनाज युद्ध के चलते काला सागर के बंदरगाहों पर फंसा है।
यूक्रेन के उत्तर में भीषण बमबारी
यूक्रेन के उत्तर में रूसी सीमा के पास सूमी क्षेत्र में सोमवार को भीषण बमबारी जारी रही। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे पहले, दोनेसक के गवर्नर पावलो किलिलेंको ने कहा कि क्षेत्र में हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई। इस क्षेत्र में आंशिक रूप से रूसी अलगाववादियों का नियंत्रण है। बताया गया कि माइकोलीव, सूमी और दोनेस्क क्षेत्र में हालात काफी बिगड़ चुके हैं और लोग बंकरों में छुपे हैं।
गोदामों में बंद पड़ा लाखों टन अनाज
रूस से जारी जंग के बीच यूक्रेन का लाखों टन अनाज कई गोदामों में बंद है। इसकी वजह से दुनिया में खाद्य संकट के हालात पैदा हो गए। जबकि काला सागर पर रूसी नियंत्रण के कारण यूक्रेन के अनाज का निर्यात रुक गया था। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस अनाज के सुरक्षित निर्यात के लिए यूएन और तुर्की से मदद मांगी थी। हालांकि इस डील के एक दिन बाद ही रूस ने ओडेसा में यूक्रेन के हथियार डिपो पर मिसाइलों से हमला किया था।
यूक्रेनी अनाज पर निर्भर कई देश
यूक्रेनी अनाज पर विश्व के कई देश निर्भर हैं। इनमें कुछ अफ्रीकी देश भी शामिल हैं। इन्हें संयुक्त राष्ट्र के खाद्य कार्यक्रम के तहत भी अनाज दिया जाता है। सनफ्लावर आयल के मामले में यूक्रेन की तूती बोलती है। भारत की जरूरत का करीब 70 फीसद सनफ्लावर तेल यूक्रेन से ही आता है। विश्?व में सनफ्लावर की मांग को पूरी करने में में यूक्रेन 42 फीसद की हिस्सेदारी रखता है।
कोसोवो में भी तनावपूर्ण हालात, नाटो व रूस समर्थक सर्बिया आमने-सामने
रूस-यूक्रेन की जंग अभी थमी नहीं है कि एक बार फिर से यूरोप हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कोसोवो की पुलिस ने कहा है कि उसने सर्बिया के प्रदर्शनकारियों के सड़क को ब्लॉक किए जाने और गोलीबारी के कारण उससे लगती सीमा को बंद कर दिया है। इस बीच कोसोवो में में चल रहे तनावपूर्ण हालात पर नाटो के नेतृत्व वाले मिशन ने कहा है कि वह दखल के लिए तैयार है। जबकि कोसोवो ने तनाव को देखते हुए नए सीमा नियमों को लागू करने की अपनी योजना को 1 सितंबर तक स्थगित कर दिया है।
कोसोवा की पुलिस ने कहा है कि उसने बेरंजाक और जारिंजे सीमा क्रॉसिंग को बंद कर दिया है। जबकि सर्बिया के प्रदर्शनकारियों ने गोली चलाई है और सड़क को ब्लॉक कर दिया है। ये प्रदर्शनकारी इस बात से खफा हैं कि कोसोवो नए सीमा नियम ला रहा है जिससे सर्बिया के पहचान पत्र के साथ आने वाले सभी लोगों को देश में रहने के दौरान एक अल्पकालिक दस्तावेज रखना होगा। इसी तरह के नियम को सर्बिया ने कोसोवो से आने वाले लोगों के लिए बना रखा है।