आईएमएफ ने कहा कि दुनियाभर के कई केंद्रीय बैंकों ने हाल ही में सख्त कार्रवाई की है, इससे तेज महंगाई को रोकने में मदद मिलेगी। आईएमएफ ने कहा कि बढ़ती महंगाई और मामूली वेतन वृद्धि के मौजूदा संयोग ने चिंता पैदा कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ समय पर लड़ाई के लिए तत्काल विश्वसनीय, पारदर्शी और महत्वकांक्षी कार्रवाई की आवश्यकता है। आईएमएफ ने कहा कि यूक्रेन-रूस युद्ध और चीन-अमेरिका संबंध में गिरावट से पैदा हुए भू-राजनीतिक संकट ने जलवायु लक्ष्यों पर वैश्विक सहयोग को खतरे में डाल दिया है।
विज्ञापन
आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक से पहले जारी की रिपोर्ट
दरअसल अगले सप्ताह यहां आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक होने जा रही है, उससे पहले एक रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें आईएमएफ ने कहा कि जलवायु के सबसे विनाशकारी नुकसान को टालने में देरी नहीं हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उचित लागत पर दो डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान रखने के लिए तत्काल विश्वनीय, पारदर्शी और महत्वकांक्षी कार्रवाई की जरूरत है।
चीन-अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े जलवायु प्रदूषक
24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद महंगाई बढ़ी है और जीवाश्म ईंधन की कीमतों ने आसमान को छू दिया है। आईएमएफ के मुताबिक चीन और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े जलवायु प्रदूषक हैं। दोनों देशों का कुल मिलाकर जीवाश्म-ईंधन उत्सर्जन में करीब चालीस फीसदी का योगदान है।
विज्ञापन
केंद्रीय बैंकों की कार्रवाई से महंगाई को रोकने में मिलेगी मदद
आईएमएफ ने कहा कि दुनियाभर के कई केंद्रीय बैंकों ने हाल ही में सख्त कार्रवाई की है, इससे तेज महंगाई को रोकने में मदद मिलेगी। आईएमएफ ने कहा कि बढ़ती महंगाई और मामूली वेतन वृद्धि के मौजूदा संयोग ने चिंता पैदा कर दी है।
आईएमएफ ने एक रिपोर्ट में कहा, 2021 के बाद से कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं ने महंगाई में तेज वृद्धि देखी है, क्योंकि कोविड 19 के कारण आपूर्ति ठप्प होने से अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई और श्रम बाजार तंग दिखाई दिए।