कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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पूरा विश्व कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहा है। इस बीच रूस अगले सप्ताह से कोरोना के मरीजों को इलाज के लिए अपनी पहली दवाई देना शुरू करेगा। इस कदम से उम्मीद है कि स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव कम होगा और सामान्य आर्थिक जीवन में गति वापस लौटेगी। रूस के अस्पताल कोरोना के मरीजों को एंटीवायरल ड्रग देना शुरू कर सकते हैं, जो अविफवीर नाम से पंजीकृत है।
रूस के आरडीआईएफ के कोष प्रमुख ने एक साक्षात्कार में बताया कि कंपनी एक महीने में लगभग 60,000 लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाई तैयार करेगी। अभी तक कोविड -19 की कोई वैक्सीन नहीं बनी है। एविफवीर, जिसे फेवीपिरवीर के रूप में भी जाना जाता है, 1990 के अंत में पहली बार जापानी कंपनी द्वारा इसे विकसित किया गया था, जिसे बाद में फुजीफिल्म द्वारा खरीदा गया था।
आरडीआईएफ के प्रमुख किरिल दिमित्रिज ने कहा कि रूसी वैज्ञानिकों ने अविफवीर को संशोधित किया है। उन्होंने कहा कि मॉस्को दो सप्ताह के भीतर इसके संशोधनों का विवरण साझा करने के लिए तैयार होगा। जापान इसी दवा का प्रयोग ट्रायल के रूप में कर रहा है, जिसे एविगान के नाम से जाना जाता है। शनिवार को रूस सरकार को दिखाई गई दवाइयों की सूची में एविफवीर का नाम भी शामिल था।
दिमित्रिज ने कहा कि इस दवाई का क्लिनिकल परीक्षण 330 लोगों पर किया गया था। जिसमें पता चला कि चार दिनों के भीतर कोरोना के ज्यादातर मामले ठीक हए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षण लगभग एक सप्ताह बाद समाप्त होने वाला था, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक विशेष त्वरित प्रक्रिया के तहत दवा के उपयोग के लिए अपनी मंजूरी दे दी। 414,878 संक्रमित मामलों के साथ रूस अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्थान पर है।