रूस के ओम्स्क में एक स्कूल में पढ़ाने वालीं 26 साल की विक्टोरिया पोपोवा के बाद अब रूस के ही बरनॉल शहर में रहने वाली 38 साल की टीचर तातियाना कुशिनिकोवा के साथ भी कुछ वैसा ही हुआ। तातियाना ने सोशल मीडिया पर स्विमसूट पहने तस्वीर पोस्ट कर दी थी जिसकी वजह से उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा। लेकिन विक्टोरिया की तरह ही तातियाना के भी समर्थन में हजारों टीचर उतर आए और उसे नौकरी में फिर से बहाल कर दिया गया।
बता दें कि पिछले काफी समय से रूस में स्कूल टीचरों ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एक ऑनलाइन अभियान छेड़ रखा है। इसके तहत हजारों स्कूल टीचरों ने अपनी स्विमसूट वाली तस्वीरें हैशटैग 'टीचर भी इंसान हैं' शीर्षक के साथ शेयर कर रही हैं। यह सारी कवायद अपनी साथी टीचर को नौकरी वापस दिलवाने के लिए हो रही थी और इसमें वे कामयाब भी रहीं।
ताजा मामला तातियाना कुशिनिकोवा का है। तातियाना ने सोशल मीडिया पर स्विमसूट पहने तस्वीर पोस्ट कर दी थी। स्कूली छात्रों के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से शिकायत की थी कि इससे बच्चों पर बुरा असर पड़ता है। प्रिंसिपल ने दोषी मानते हुए तातियाना से इस्तीफा ले लिया था।
इस घटना की खबर वायरल हो गई और साथी टीचर तातियाना के समर्थन में आ गए। उन्होंने स्विमिंग कॉस्ट्यूम पहनकर इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करनी शुरू कर दीं। इस अभियान के तहत सोमवार तक 1,500 से ज्यादा टीचरों ने अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थीं।
घटना के तूल पकड़ने पर शिक्षा मंत्री को दखल देना पड़ा। शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को तातियाना को टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में नियुक्ति दे दी। साथ ही उन्हें एक नया कोर्स भी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह कोर्स शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयरिंग के सकारात्मक प्रभाव और खतरों पर आधारित होगा। पिछले साल जून में भी साइबेरिया की टीचर के समर्थन में देशभर के टीचर आ गए थे। उसे प्लस साइज कपड़ों के लिए हुए फोटोशूट में मॉडलिंग करने की वजह से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।