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Putin-Trump: ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद रूस की दो टूक, क्रेमलिन बोला- ट्रंप से बात करने का सवाल ही नहीं

Sun, 22 Jun 2025 06:02 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद रूस ने सख्त प्रतिक्रिया दी। क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने की कोई योजना नहीं है। रूस ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। 
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डोनाल्ड ट्रंप / व्लादिमीर पुतिन - फोटो : ANI
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विस्तार
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ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद रूस ने न केवल निंदा की है बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से किसी भी बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। क्रेमलिन की ओर से साफ किया गया है कि पुतिन का ट्रंप से संपर्क करने का कोई इरादा नहीं है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया फिलहाल ट्रंप से बात करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर बातचीत की व्यवस्था की जा सकती है।
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अमेरिका ने इन हमलों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने के मकसद से अंजाम दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के बाद चेतावनी दी कि अगर ईरान ने पलटवार किया तो अमेरिका और भी हमले करेगा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया है। वहीं, रूसी संसद (ड्यूमा) की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष लियोनिद स्लुत्सकी ने कहा कि यह हमला सैन्य दृष्टिकोण से पूरी तरह गलत था। साथ ही ये आरोप लगाया कि ट्रंप को ईरान में शासन परिवर्तन की साजिश करने की कोशिश कर रहे हैं, जो वो पहले इराक में कर चुके हैं।

अमेरिका पर जमकर बरसा रूस
रूस ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है। इन हमलों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। रूसी विदेश मंत्रालय ने आगे बयान में कहा कि किसी भी तर्क के आधार पर एक संप्रभु देश की जमीन पर मिसाइल और बमबारी करना पूरी तरह अस्वीकार्य है. खासकर तब, जब ये हमला उस देश ने किया हो जो खुद यूएन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
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 ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा- पूर्व राष्ट्रपति
पूर्व राष्ट्रपति और अब रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अमेरिका के इन हमलों के बावजूद ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि तीन ठिकानों पर हमला कर अमेरिका ने क्या हासिल किया? ऐसा लगता है कि ईरान के परमाणु ढांचे को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है।

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इस मामले को गंभीरता से ले रहा रूस
रूस की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि मॉस्को अमेरिका के इस कदम को गंभीर खतरे के तौर पर देख रहा है। हालांकि रूस ने अब तक कोई ठोस कूटनीतिक या सैन्य कदम नहीं उठाया है, लेकिन उसके नेता इस बात से सहमत हैं कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

फिलहाल, रूस और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ता दिख रहा है। जहां एक ओर अमेरिका इस हमले को रणनीतिक सफलता बता रहा है, वहीं रूस इसे पूरी तरह अवैध और गैर-जरूरी मान रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि ईरान की प्रतिक्रिया क्या होती है और वैश्विक मंच पर यह संकट किस दिशा में बढ़ता है।

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