रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) ने दावा किया है कि मॉस्को में रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी पर गोलीबारी करने वाले संदिग्ध को दुबई से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को रूस को सौंप दिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
एफएसबी के अनुसार, संदिग्ध की पहचान रूसी नागरिक ल्यूबोमिर कोर्बा के रूप में हुई है, जिस पर रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर गोली चलाने का आरोप है। यह हमला शुक्रवार को मॉस्को के उत्तर-पश्चिमी इलाके में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग के बाहर हुआ था। हमले में अलेक्सेयेव को कई गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हमले में दो और लोगों की भूमिका आई सामने
रूसी जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले में दो और लोगों की भूमिका सामने आई है एक सहयोगी को मॉस्को से गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा कथित रूप से यूक्रेन भाग गया। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस घटना को संभावित आतंकी हमला करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य शांति वार्ता को नुकसान पहुंचाना था। हालांकि, यूक्रेन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बातचीत के बीच हुआ हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच अबू धाबी में युद्ध समाप्त करने को लेकर दो दिनों तक बातचीत चली थी। दिलचस्प बात यह है कि इन वार्ताओं में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व खुफिया एजेंसी प्रमुख एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव कर रहे थे, जो अलेक्सेयेव के वरिष्ठ अधिकारी हैं।
व्लादिमीर अलेक्सेयेव को 'हीरो ऑफ रूस' सम्मान से नवाजा गया था
64 वर्षीय व्लादिमीर अलेक्सेयेव वर्ष 2011 से रूसी खुफिया विभाग में प्रथम उप प्रमुख के पद पर तैनात हैं। उन्हें सीरिया में रूस के सैन्य अभियान में भूमिका निभाने के लिए हीरो ऑफ रूस सम्मान से नवाजा जा चुका है। वे 2023 में वैगनर ग्रुप के विद्रोह के दौरान भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने येवगेनी प्रिगोजिन से बातचीत की थी।
पहले भी हो चुके हैं अधिकारियों पर हमले
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के कई बड़े सैन्य अधिकारियों पर हमले हुए हैं। इससे पहले 22 दिसंबर 2025 को एक कार बम धमाके में लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की मौत हो गई थी। उनकी कार में बम लगाया गया था। इसी तरह, 25 अप्रैल 2025 को भी मॉस्को के पास बालाशिखा इलाके में एक कार बम विस्फोट हुआ था। इस हमले में लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव यारोस्लाविच मोस्कालिक की जान चली गई थी। वे रूसी जनरल स्टाफ के मेन ऑपरेशंस निदेशालय में डिप्टी चीफ के पद पर तैनात थे।