रूस ने दुनिया का पहला तैरता एटमी रिएक्टर लॉन्च कर दिया है और पर्यावरणविदों की सख्त खतरे वाली चेतावनी के बाद शुक्रवार को इसे उत्तरी ध्रुव की ओर रवाना कर दिया। एटमी ईंधन से लैस एल्काडेमिक लोमोनोसोच नामक तैरता एटमी रिएक्टर मुरमांस्क के आर्कटिक बंदरगाह से उत्तरी पूर्व साइबेरिया के लिए पांच हजार किलोमीटर के सफर पर रवाना हुआ। इसके चार से छह सप्ताह में अपनी यात्रा पूरी करने का अनुमान है।
रूस ने कहा कि यह पूरे वर्ष बर्फ से जमे रहने वाले हिस्से में परंपरागत एटमी संयंत्र स्थापित करने का एक प्रयास है। अगर यह सफल होता है तो भविष्य में इस रिएक्टर को दूसरे देशों को भी बेचा जाएगा। रूस ने इसका निर्माण 2006 में शुरू किया था। यह अगले साल के अंत तक काम करने लगेगा।
- 21000 टन है संयंत्र का वजन
- 35 मेगावाट क्षमता के दो रिएक्टर हैं
- 69 क्रू के सदस्य रिएक्टर पर मौजूद
विशेषज्ञों ने कहा-‘न्यूक्लीयर टाइटेनिक’
पर्यावरण विज्ञानी इसे न्यूक्लीयर टाइटेनिक बता रहे हैं। इनका मानना है कि इस कदम से उत्तरी ध्रुव के क्षेत्र में जलवायु को गंभीर खतरा होगा। इससे रूस में इसी महीने हुए एक विस्फोट के बाद पर्यावरण को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।