प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे का आज दूसरा दिन है। वह फ्रांस में मौजूद भारतीय समुदाय के बीच पहुंचे। जैसे ही वह पेरिस में स्थित यूनेस्को कार्यालय में पहुंचे वहां मौजूद लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों को संबोधित करने से पहले उन्होने 1950 व 1960 के दशकों में एयर इंडिया के दो विमान हादसों में मारे गए पीड़ितों की याद में बनाए गए एक स्मारक स्थल का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने फ्रांस के प्रधानमंत्री एडवर्ड चार्ल्स फिलिप से मुलाकात की।
क्या-क्या कहा
- भारत आज स्टार्टअप की दुनिया में बहुत आगे बढ़ रहा है। आप लोगों का भारत से रिश्ता मिट्टी का है। चुनौतियों का सामना बातों से नहीं ठोस कार्रवाई से करते हैं। फ्रांस में जल्द गणपति बप्पा मोरया की गूंज सुनवाई देगी। सोलर से लेकर स्पेस इंफ्रा तक भारत और फ्रांस साथ हैं। इंफ्रा से मेरा मतलब IN-इंडिया और FRA- फ्रांस से है। डिजिटल से लेकर सोलर तक भारत-फ्रांस साथ हैं।
- लोकतंत्र के मूल्यों को बचाने में भारत-फ्रांस एकजुट हैं। हमने फासीवाद, उग्रवाद का सामना फ्रांस में भी किया है। भारत फ्रांस के संबंध दिनोंदिन मजबूत हो रहे हैं। भारत और फ्रांस एक दूसरे के लिए लड़े भी हैं और जिए भी हैं। भारत और फ्रांस की दोस्ती ठोस आदर्शों पर बनी है।
- कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मन से लड़े हैं भारत और फ्रांस। यही वो धरती है जहां प्रथम विश्व युद्ध में 9000 भारतीय सैनिकों ने फ्रांस के सैनिकों के साथ मानवता के पक्ष में लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
- नए भारत में थकने और रुकने का नाम ही नहीं है। पिछले 60 सालों में इस संसद सत्र में सबसे ज्यादा काम हुआ। यह इसलिए हुआ क्योंकि देशवासियों ने इसपर ठप्पा लगाया। सात सितंबर को हम सभी का चंद्रयान चांद पर उतरने वाला है। इस उपलब्धि के बाद भारत चांद पर उतरने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
- गांधी और बुद्ध के देश में अस्थाई की कोई व्यवस्था नहीं है। मोदी ने अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने की तरफ इशारा करते हुये कहा कि देश को अस्थाई व्यवस्था से निकालने में 70 साल लग गए। मुझे समझ नहीं आता कि इस बात पर हंसा जाए या रोया जाए,जो भी हो पर देश अब स्थायी व्यवस्था के साथ चल पड़ा है।