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Putin: भारत की 'मेक इन इंडिया' नीति के मुरीद हुए रूसी राष्ट्रपति पुतिन, पीएम मोदी के नेतृत्व की भी तारीफ की

Thu, 05 Dec 2024 10:25 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

पुतिन ने कहा कि भारत की सरकार ऐसी नीति बना रही है, जिसमें वे अपने हितों को सबसे ऊपर रख रहे हैं। पुतिन ने भी भारत में एक विनिर्माण केंद्र स्थापित करने की बात कही। पुतिन ने कहा कि भारत सरकार अपने छोटे और मझोले उद्योगों को स्थिरता देने की कोशिश कर रही है। पुतिन ने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत में निवेश करना फायदे का सौदा साबित होगा। 
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पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन - फोटो : PTI
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विस्तार
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की मेक इन इंडिया नीति की तारीफ की है और कहा कि मेक इन इंडिया नीति के चलते भारत में छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों में स्थिरता आई है। इससे भारत की आर्थिक गति को भी मजबूती मिली है। रूसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के नेतृत्व की भी तारीफ की और मेक इन इंडिया नीति के लिए उन्हें श्रेय दिया। 
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पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की
रूसी राष्ट्रपति पुतिन राजधानी मॉस्को में बुधवार को वीटीबी इन्वेस्टमेंट फोरम के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पुतिन ने कहा कि भारत का मेक इन इंडिया अभियान और रूस का इंपोर्ट सब्सटिट्यूशन प्रोग्राम एक जैसे ही हैं। पुतिन ने कहा कि भारत की सरकार ऐसी नीति बना रही है, जिसमें वे अपने हितों को सबसे ऊपर रख रहे हैं। पुतिन ने भी भारत में एक विनिर्माण केंद्र स्थापित करने की बात कही। पुतिन ने कहा कि भारत सरकार अपने छोटे और मझोले उद्योगों को स्थिरता देने की कोशिश कर रही है। पुतिन ने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत में निवेश करना फायदे का सौदा साबित होगा। 

ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने पर फोकस
पुतिन ने ब्रिक्स देशों के बीच एसएमई (छोटे और मझोले उद्योगों) के विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने रूस के बाजार में अपनी जगह बना रहे नए रूसी ब्रांड्स को भी सराहा, जो पश्चिमी ब्रांड्स की जगह ले रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति ने उपभोक्ता वस्तुओं, आईटी, उच्च तकनीक और कृषि क्षेत्र में रूसी सफलता की ओर इशारा किया। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि 1988 में, सोवियत संघ ने 35 अरब अमरीकी डॉलर का अनाज आयात किया, और पिछले साल, हमने 66 अरब अमरीकी डॉलर का अनाज निर्यात किया, जो काफी हद तक हमारे किसानों और उत्पादकों की योग्यता है। 
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