सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि तेल तुआप्से नदी के जरिए काला सागर तक पहुंच चुका है और तट से कम से कम 50 किलोमीटर तक फैल गया है। रूसी पर्यावरणविद दिमित्री लिसित्सिन ने कहा कि यह एक जटिल आपदा है, जिसमें हवा, मिट्टी, नदी और समुद्र सभी प्रभावित हो रहे हैं।
रूस के काला सागर तट पर बसे तुआप्से शहर में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो गया है। पिछले 12 दिनों में तीसरी बार हुए हमले के बाद यहां का मंजर प्रलय जैसा बताया जा रहा है। रोसनेफ्ट की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने वाले इस ताजा हमले के बाद जहरीला धुआं, ऊंची लपटें और तेल से भरी काली बारिश ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया है।
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सीएनएन के अनुसार गुरुवार सुबह तक आग पर काबू पाने कब प्रयास किया जा रहा था। 16 और 20 अप्रैल को हुए पिछले हमलों की आग बुझाने में भी कई दिन लगे थे। इन घटनाओं के दौरान तेल और जहरीले कण बारिश के साथ नीचे गिरे, जिससे सड़कों, घरों और वाहनों पर चिकना काला पदार्थ जम गया। विशेषज्ञ इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा क्षेत्रीय पर्यावरणीय संकट बता रहे हैं। स्थानीय निवासी सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि शहर धुएं में घुट रहा है। सांस लेना मुश्किल हो गया है और पूरा शहर ईंधन की गंध से भरा है।
हवा से समुद्र तक फैलता प्रदूषण
सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा है कि तेल तुआप्से नदी के जरिए काला सागर तक पहुंच चुका है और तट से कम से कम 50 किलोमीटर तक फैल गया है। रूसी पर्यावरणविद दिमित्री लिसित्सिन ने कहा कि यह एक जटिल आपदा है, जिसमें हवा, मिट्टी, नदी और समुद्र सभी प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य पर होगा गंभीर असर
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस घटना के चलते भविष्य में सांस संबंधी बीमारियां और कैंसर के मामलों में बढ़ सकते हैं। वितिश्को के अनुसार जहरीले तत्व पानी के जरिए शरीर में जमा हो सकते हैं। हालांकि, क्रेमलिन ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।