Russia-Ukraine Talks: तुर्किये में वार्ता के लिए पहुंचे रूस और यूक्रेन के अधिकारी आखिरकार दो मुद्दों पर सहमत हो गए हैं। जिसमें छह हजार सैनिकों के शवों की अदला-बदली और एक-एक हजार युद्धबंदियों को रिहा किया जाएगा। लेकिन सबसे अहम मुद्दा तीन साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच सोमवार को तुर्किये के इस्तांबुल शहर में शांति वार्ता हुई है। दोनों पक्षों की बातचीत निर्धारित समय से दो घंटे देरी से शुरू हुई और करीब एक घंटे ही चली, जिसमें कोई बड़ा समाधान तो नहीं निकला, लेकिन दोनों देशों ने 6,000 मरे हुए सैनिकों के शवों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में बताया कि, 'तुर्की की मदद से दोनों पक्षों ने दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया है और अब हम युद्धबंदियों की एक नई रिहाई की तैयारी कर रहे हैं।'
युद्धबंदियों की रिहाई पर फिर सहमति
जेलेंस्की ने कहा कि पिछली बार 16 मई को इस्तांबुल में हुई बैठक में दोनों देशों ने 1,000-1,000 युद्धबंदियों को रिहा किया था। अब एक और बड़े आदान-प्रदान की तैयारी की जा रही है। यूक्रेन ने रूस को उन बच्चों की एक आधिकारिक सूची भी सौंपी है, जिन्हें यूक्रेन का कहना है कि जबरन रूस ले जाया गया और अब उन्हें वापस लौटाया जाना चाहिए। यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी लगातार उठाया जा रहा है।
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रूस और यूक्रेन के बीच तुर्की की मध्यस्थता
यह बैठक इस्तांबुल के ऐतिहासिक चिरागन पैलेस में हुई, जो ओटोमन साम्राज्य के दौर की एक महलनुमा इमारत है। इस बैठक की अध्यक्षता तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने की। तुर्किये बीते कई महीनों से दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।
युद्धविराम की उम्मीदें अभी भी कम
तीन साल से चल रहे इस युद्ध में अब तक कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन किसी स्थायी समाधान की उम्मीदें अब भी कमजोर हैं। अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश रूस और यूक्रेन के बीच संघर्षविराम की अपील कर चुके हैं, लेकिन अब तक रूस ने इस पर सहमति नहीं दी है। यूक्रेन इस पर राजी है।
शांति वार्ता से पहले दोनों देशों ने तेज किए हमले
शांति वार्ता से ठीक पहले दोनों देशों के बीच युद्ध फिर तेज हो गया था। रविवार को यूक्रेन ने रूस के कई हवाई ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, जिनमें 40 से ज्यादा युद्धक विमान तबाह हो गए। ये हमले रूस के आर्कटिक, साइबेरिया और सुदूर पूर्वी इलाकों में किए गए, जो यूक्रेन से करीब 7000 किलोमीटर दूर हैं। जेलेंस्की ने इसे एक शानदार अभियान बताया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में रूस के बमवर्षक विमानों का करीब एक-तिहाई हिस्सा बर्बाद हो गया। दूसरी ओर, रूस ने भी रविवार को यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने 472 ड्रोन दागे, जिनका मकसद यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करना था।