रूस और चीन ने वेनेजुएला संकट से निपटने संबंधी अमेरिका के प्रस्ताव के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद परिषद में मॉस्को के प्रस्ताव को भी पर्याप्त वोट नहीं मिल पाए।
अमेरिकी प्रस्ताव में वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने और बिना किसी रुकावट के मानवीय मदद पहुंचाने की बात की गई थी। इस प्रस्ताव को 15 सदस्यीय परिषद में नौ मत मिले जबकि मॉस्को और बीजिंग ने इसके खिलाफ वीटो का इस्तेमाल किया।
वहीं रूस के प्रस्ताव में शांतिपूर्ण माध्यमों से मामले को सुलझाने की अपील की गई थी। इसमें मादुरो की सरकार की सहमति से ही सभी मानवीय मदद दिए जाने पर बल दिया गया था। इस प्रस्ताव को केवल चार वोट मिले।