रूसी हमले के चौथे दिन भी यूक्रेन पूरी बहादुरी और जांबाजी के साथ किला लड़ा रहा है। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों में से एक रूस भंयकर विनाशकारी हथियारों और दो लाख से ज्यादा सैनिकों को झोंकने के बावजूद यूक्रेन के किसी भी हिस्से पर पूर्ण नियंत्रण कायम करने में अब तक नाकाम रहा है।
परमाणु केंद्र पर मिसाइल हमले के बाद आकाश में छाया मशरूमनुमा बादल
रूस ने शनिवार देर रात कीव में यूक्रेन के राज्य परमाणु नियामक निरक्षण केंद्र पर रॉकेट हमला किया। केंद्र परिसर में जमा रेडियोधर्मी सामग्री के ढेर पर जैसे ही रूसी रॉकेट गिरा, भयानक आग और धुएं का मशरूमनुमा बादल आकाश में छा गया।
अहम शहरों में नहीं घुसने दे रहा यूक्रेन
सैन्य जानकारों का कहना है कि रूस भले ताकतवर हो, लेकिन वह अब तक यूक्रेन के अहम शहरों पर कब्जा करने में नाकाम रहा है। इससे पता चलता है कि कमजोर दिखने वाली यूक्रेनी सेना अपनी जमीन को बचाने के लिए दुश्मन का डटकर मुकाबला कर रही है, जिसे आम नागरिकों और हथियार उठाने वालों का भी साथ मिल रहा है। यूक्रेनी नागरिक रूसी टैंकों के आगे खड़े होकर उनका रास्ता रोक रहे हैं।
प्रशासन ने की लोगों से छिपे रहने की अपील
धमाकों के बावजूद रविवार सुबह तक राजधानी में हालात मोटे तौर पर यूक्रेन के नियंत्रण में रहे। लेकिन दूसरे बड़े शहर खारकीव की सड़कों-गलियों में रूसी सैनिक के घुसने के बाद प्रशासन ने लोगों से छिपे रहने की अपील की।
कब्जे की योजना में पिछड़ा रूस : अमेरिका
अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर बताया कि रूसी सेना को सैन्य आपूर्ति में बड़ी कठिनाई हो रही है। यूक्रेनी वायुसेना जबरदस्त लड़ाई में जुटी है। इसके चलते रूस राजधानी कीव समेत बड़े शहरों पर कब्जा करने की योजना में पिछड़ गया, जबकि लड़ाई से पहले इनके एक दिन में ही रूसी नियंत्रण में आने के आसार जताए जा रहे थे।
उधर, रूस ने रविवार को खेरसन बरदयांस्क पर कब्जे का दावा किया। कहा, 471 यूक्रेनी सैनिक भी उनकी गिरफ्त में हैं।
इस केंद्र में रेडियोधर्मी सामग्री की जांच की जाती है। हालांकि प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ है कि इस हमले के कारण रेडिएशन फैलने का कोई खतरा नहीं है।