श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) ने संसदीय चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की। खबरों के मुताबिक श्रीलंकाई चुनाव नतीजों में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की पार्टी 'नेशनल पीपुल्स पावर' (एनपीपी) ने संसद में दो-तिहाई पूर्ण बहुमत पा लिया है। एनपीपी ने संसद की 225 सीटों में से 159 सीटें हासिल कर ली हैं। भारतीय उच्चायोग ने पार्टी को जीत की बधाई देते हुए द्विपक्षीय संबंधों की उत्सुकता जताई है। एनपीपी को राष्ट्रीय स्तर पर 62 फीसदी या 4.4 मिलियन से अधिक वोट मिले हैं।
नई संसद का सत्र अगले सप्ताह से
श्रीलंका में ये चुनाव तय समय से एक साल पहले कराया गया है। दिसानायके ने सितंबर में राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। इसके बाद संसद को बर्खास्त कर दिया गया। चुनाव नतीजे आ चुके हैं। अब अगले सप्ताह से संसद का सत्र शुरू होगा। समागी बलवेगा को 18 फीसदी से भी कम और पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) को 5 फीसदी से भी कम वोट मिले हैं।
दिसानायके ने भ्रष्टाचार से लड़ने चुराई गई संपत्तियों को वापस लाने के वादे पर सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। तुरंत चुनाव कराने और अपने एजेंडे के लिए संसदीय समर्थन हासिल करने का उनका फैसला सही साबित हुआ।
राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स फ्रंट (एसएलपीपी) को दो सीटें मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव की तुलना में एनपीपी को संसदीय चुनाव में अधिक सीटें मिलीं। चुनाव में एनपीपी का समर्थन करने वाले आईटी पेशेवर चाणक्य राजपक्षे ने कहा, लोगों ने भ्रष्टाचार और भ्रष्ट व्यवस्था से छुटकारा पाने के लिए मतदान किया। 55 वर्षीय दिसानायके ने बताया कि उन्हें संसद में मजबूत बहुमत की उम्मीद थी। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण चुनाव है, जो श्रीलंका के लिए टर्निंग प्वाइंट होगा। पुलिस ने बताया कि मतदान के दौरान कहीं भी हिंसा की घटनाएं नहीं हुई।