आज हम आपको बताएंगे कि आखिर इस ऑडियो में क्या है, जिससे पाकिस्तान की पूरी सरकार हिल गई है? भारत का जिक्र कैसे आया? किसने इस ऑडियो को लीक किया और अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ?
पाकिस्तान में सियासी उठापटक जारी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक ऑडियो लीक हो गया है। इसके बाद पूरी सरकार ही हिल गई। इस ऑडियो में भारत का भी जिक्र है। यही कारण है कि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। इमरान अब सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
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ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर इस ऑडियो में क्या है, जिससे पाकिस्तान की पूरी सरकार हिल गई है? भारत का जिक्र कैसे आया? किसने इस ऑडियो को लीक किया और अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ?
पहले जानिए लीक ऑडियो में क्या है?
सोशल मीडिया पर दो ऑडियो लीक हुए हैं। पहले ऑडियो में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सत्तारूढ़ पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष और अपनी भतीजी मरियम नवाज के बारे में चर्चा करते सुनाई दिए थे। इसमें वे अपने दामाद के लिए भारत से बिजली संयंत्र आयात करने के लिए कह रहे थे।
दूसरे ऑडियो में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, राष्ट्रीय असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक, केंद्रीय गृह मंत्री राना सनाउल्ला, केंद्रीय रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, केंद्रीय कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ और केंद्रीय योजना मंत्री अहसन इकबाल की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। ये सभी प्रधानमंत्री आवास में कोई बैठक कर रहे थे। इसमें इमरान खान की पार्टी यानी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के इस्तीफों पर बात की जा रही है। वे इस्तीफों को स्वीकार करने की लंदन (नवाज शरीफ) की अनुमति के बारे में भी बात कर रहे हैं।
तो क्यों घिर गई सरकार?
दरअसल, जिस ऑडियो की बात हो रही है, उसमें एक ऑडियो में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने दामाद यानी मरियम नवाज के पति के लिए भारत से बिजली संयंत्र आयात करने के लिए कह रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अभी व्यापार ठप पड़ा है। दोनों देशों के रिश्ते खराब होने के बावजूद बिजली संयंत्र भारत से आयात करने की बात सामने आई तो सियासी गलियारे में हलचल शुरू हो गई। इमरान खान की पार्टी के नेताओं ने पूरी सरकार को घेरना शुरू कर दिया। शहबाज शरीफ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।
पीएम आवास में हुई बैठकों को किसने रिकॉर्ड किया?
ओपन सर्विस इंटेलिजेंस इंसाइडर नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने दावा किया है कि पीएम आवास पर हुई बैठकों के 100 घंटे से भी ज्यादा अवधि की रिकॉर्डिंग है। इसके लिए डार्क वेब हैकिंग फोरम पर बोली लग रही है। इसकी कीमत अभी तक 3.45 मिलियन (करीब तीस लाख रुपये) तय की गई है। ओपन सर्विस इंटेलिजेंस इंसाइडर का दावा है कि यह फोन पर होने वाली बातचीत की रिकॉर्डिंग नहीं बल्कि पीएम ऑफिस के अंदर चलने वाली बैठकों की रिकॉर्डिंग है।
पीटीआई के नेता फवाद चौधरी ने पीएम आवास पर हुई बैठकों का ऑडियो शेयर करते हुए सरकार पर सवाल खड़ा किया। फवाद ने कहा, 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ऑफिस डेटा जिस तरह डार्क वेब पर बिक्री के लिए पेश किया गया यह हमारे यहां साइबर सिक्योरिटी के हालात बताता है। यह हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियों खासकर आईबी की बहुत बड़ी नाकामी है। जाहिर है राजनैतिक मामलों के अलावा सिक्योरिटी और विदेश मामलों पर भी महत्वपूर्ण बातचीत अब सबके हाथ में है।
किसने की रिकॉर्डिंग, कौन रख रहा सरकार पर नजर?
वायरल ऑडियो के मामले में अभी तक पाकिस्तान की सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस वक्त ये जानने की कोशिश कर रही है कि ये रिकॉर्डिंग कर कौन रहा था और कैसे इसे बाहर लीक करवाया गया?
शहबाज शरीफ की पिछली सरकार में पंजाब के अंदर डिजिटल सुधार लागू करवाने वाले उमर सैफ का इसपर बयान सामने आया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान की साइबर स्पेस सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान के पास साइबर स्पेस में होने वाली प्रगति के साथ-साथ चलने की क्षमता नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है। पाकिस्तान को राजनीतिक तौर पर सनसनी फैलाने से ऊपर उठकर यह समझने की जरूरत है कि खतरा क्या है।
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी इस मसले पर चिंता जाहिर की। पत्रकारों का कहना है कि डेटा लीक होना और उसे पीएम कार्यालय और आवास के अंदर घुसकर रिकॉर्ड करना देश की सुरक्षा के साथ बड़ी चूक है। ऐसा कैसे हो सकता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों को इसके बारे में बिल्कुल भी मालूम नहीं चला? साइबर सिक्योरिटी सेल क्या कर रही है?
इमरान खान का आपत्तिजनक वीडियो हुआ था लीक
ऐसा नहीं है कि पीएम आवास और पीएम कार्यालय के ऑडियो पहली बार लीक हुए हैं। इसके पहले जब इमरान खान प्रधानमंत्री थे, तब उनका एक आपत्तिजनक वीडियो लीक हुआ था। इसकी चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी। हालांकि सरकार की तरफ से तब भी उसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी थी।