संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि रूस-यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बीच भारत ने अपने पड़ोस सहित जरूरतमंद देशों को वित्तीय और खाद्य सहायता प्रदान करके खाद्य और वस्तु आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष का अभी तक कुछ भी समाधान सामने नहीं आया है। इन दोनों के बीच हो रहे युद्ध ने दुनियाभर के देशों पर प्रभाव डाला है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध ने पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे देशों पर भी प्रभाव डाला जिन्हें आर्थिक तौर पर संकट का सामना करना पड़ा। लेकिन भारत ने अपने पड़ोसियों समेत अन्य देशों की मदद करना भी जारी रखा। संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि रूस-यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बीच भारत ने अपने पड़ोस सहित जरूरतमंद देशों को वित्तीय और खाद्य सहायता प्रदान करके खाद्य और वस्तु आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान को कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है।
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कंबोज ने पीएम मोदी के आह्वान को दोहराया
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज शांति निर्माण और स्थायी शांति पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बहस में अपनी बात रख रही थी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के साथ भारत की 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर की विकास परियोजनाएं मानव-केंद्रित दुनिया के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान को दोहराया।
कंबोज ने कहा कि जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में गहराई से व्यक्त किया कि। आइए हम वैश्विक बहुपक्षीय प्रणाली की प्रासंगिकता बढ़ाने, उसकी प्रभावशीलता में सुधार करने, इसे एक नए प्रकार के मानव-केंद्रित वैश्वीकरण का आधार बनाने के लिए इसमें सुधार करने का संकल्प लें। इस गहन मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ, भारत सभी शांति निर्माण प्रयासों में एक दृढ़ सहयोगी और उत्प्रेरक बनने के लिए प्रतिबद्ध है।
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भारत शांति का प्रतीक
भारत ने इस वर्ष शांति स्थापना आयोग में असाधारण नेतृत्व के लिए क्रोएशिया को बधाई भी दी। कंबोज ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत ने हमेशा शांति स्थापना और शांति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही कहा कि हमारा राष्ट्र शांति का प्रतीक रहा है, जो बुद्ध के सद्भाव और अहिंसा के संदेश पर आधारित है। जैसा कि हम यहां एकत्र हुए हैं, हमें गर्व है कि हमारे 6,000 से अधिक बहादुर कर्मी महान नीले झंडे के तहत 10 शांति मिशनों में तैनात हैं।
177 वीर भारतीय सैनिकों पर गर्व
रुचिरा कंबोज ने कहा कि दुख की बात है कि 177 वीर भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सैनिकों और पुलिस का योगदान देने वाले सभी देशों में सबसे अधिक है। देश को 10 शांति मिशनों में तैनात 6,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों पर गर्व है।