संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा में भारत के दो साल के कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। अध्यक्षता के बारे में संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि, रुचिरा कंबोज ने बुधवार को कहा कि भारत ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान शांति, सुरक्षा और समृद्धि के समर्थन में बात की। आगे कहा कि भारत पूरे वैश्विक दक्षिण की आवाज था। हमने अपने विचारों को मजबूत किया। साथ ही कहा कि हम बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र में सुधारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
हमने पूरे वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाई
एएनआई से बात करते हुए यूएनएससी में स्थायी प्रतिनिधि, रुचिरा कंबोज ने कहा कि हमने पूरे वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाई है और हमने बहुपक्षवाद, कानून के शासन और निष्पक्ष और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय प्रणाली सहित बुनियादी सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया। भारत ने अगस्त 2021 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा की अध्यक्षता संभाली थी।
भारत अपने शब्दों पर अभी कायम
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य के रूप में भारत के कार्यकाल और दिसंबर की अध्यक्षता के बारे में कंबोज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और अनुभव का इस्तेमाल पूरी दुनिया के लाभ के लिए किया। भारत के कार्यकाल और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कंबोज ने कहा कि हम यह कहने में गर्व महसूस कर सकते हैं कि भारत अपने शब्दों पर अभी कायम है।
आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच नहीं किया
पिछले दो वर्षों में हमने शांति, सुरक्षा और समृद्धि के समर्थन में बात की। हमने मानवता के दुश्मन आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच नहीं किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने इन दो वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ध्यान दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन मुद्दों पर एकजुटता और एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
आतंकवाद के खतरे का समाधान करें
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा में में स्थायी प्रतिनिधि, रुचिरा कंबोज ने कहा कि जनवरी 2021 में हमारे कार्यकाल की शुरुआत में, विदेश मंत्री (एस जयशंकर) ने संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की आठ सूत्रीय कार्य योजना पेश की थी। इसमें कहा गया कि आतंकवाद के खतरे का समाधान करें और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधी समिति के अध्यक्ष के रूप में, हमने इस समिति की प्रोफाइल को ऊंचा किया है। भारत ने अक्टूबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीटीसी की एक विशेष बैठक की मेजबानी की जिसमें क्रिप्टो-मुद्रा के माध्यम से आतंकवाद के वित्तपोषण और नए युग के आतंकवाद में ड्रोन के उपयोग पर चर्चा की गई।
भारत ने यूएनएससी की आतंक रोधी समिति का रुतबा बढ़ाया : कंबोज
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने बुधवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आतंक रोधी समिति (सीटीसी) के अध्यक्ष के रूप में भारत ने इसका रुतबा बढ़ाया है। समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत के कार्यकाल के समापन मौके पर उन्होंने यह बात कही।
आतंकवाद से लड़ने पर भारत के फोकस से संबंधित सवाल पर कंबोज ने कहा, जनवरी 2021 में हमारे कार्यकाल की शुरुआत में ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के खतरे से विश्वसनीय तरीके से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की आठ सूत्रीय कार्य योजना प्रस्तुत की थी।