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Libya: लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पास रॉकेट हमला, कोई हताहत नहीं; सुरक्षा बलों ने बरामद किए लॉन्चर

Fri, 22 Aug 2025 03:38 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा।

सार

Libya: लीबिया के पश्चिमी क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुख्यालय के पास रॉकेट गिरा। हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। यह हमला तब हुआ जब यूएन की राजदूत हन्ना टेटेह सुरक्षा परिषद को लीबिया की स्थिति पर जानकारी दे रही थीं और उन्होंने एक नई एकीकृत सरकार बनाने का रोडमैप पेश किया। लीबिया में वर्तमान में दो प्रतिद्वंद्वी सरकारें हैं, जो पूर्व और पश्चिम में अलग-अलग शासन कर रही हैं।
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रॉकेट हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र मिशन ने जानकारी दी कि लीबिया के पश्चिमी क्षेत्र में उसके मुख्यालय के पास एक रॉकेट गिरा। यह हमला उस समय हुआ जब संयुक्त राष्ट्र की राजदूत लीबिया की स्थिति की जानकारी सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को स्थिति के बारे में जानकारी दे रही थीं। मिशन के बयान के मुताबिक, गुरुवार देर रात यह रॉकेट लीबिया की राजधानी त्रिपोली के 12 किलोमीटर पश्चिम में स्थित जांजूर के इलाके में गिरा। हालांकि, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। मिशन परिसर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
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त्रिपोली के गृह मंत्रालय ने कहा कि रूस निर्मित एसपीजी रॉकेट के जरिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय को निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन यह एक घर पर गिरा और किसी को चोट नहीं आई। मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि रॉकेट किसकी ओर से दागा गया। सुरक्षा बलों ने एक वाहन से दो और इसी प्रकार के रॉकेट और उनका लॉन्चर भी बरामद किया है।

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सुरक्षा स्थिति पर जानकारी दे रही थीं यूएन की राजदूत
यह हमला उस समय हुआ, जब संयुक्त राष्ट्र की राजदूत हन्ना टेटेह सुरक्षा परिषद को लीबिया की स्थिति पर जानकारी दे रही थीं। उसने लीबिया के लिए एक रोडमैप पेश किया। इस रोडमैप के अनुसार, एक 'नई एकीकृत सरकार' बनेगी, जो चुनाव कराने के लिए अनुकूल माहौल बनाएगी और शासन के जरूरी कामों को प्रभावी ढंग से संभालेगी। राजदूत ने कहा, हम मानते हैं कि राजनीतिक प्रक्रिया में चुनाव की गारंटी और संस्थानों के एकीकरण पर फोकस किया जाना चाहिए। 
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लीबिया में चल रहीं दो सरकारें
2011 से नाटो समर्थित विद्रोह के बाद लीबिया अराजकता में चला गया,  जिसमें लंबे समय तक शासक मुअम्मर गद्दाफी को हटाया और मार दिया गया। देश पूर्व और पश्चिम में दो प्रतिद्वंद्वी सरकारों में बंटा हुआ है, जिनके समर्थन में अलग-अलग सशस्त्र समूह और विदेशी सरकारें हैं। अब देश की दो सरकारें हैं- त्रिपोली में प्रधानमंत्री अब्दुलहमीद दबीहबा की सरकार और पूर्वी लीबिया में प्रधानमंत्री उसामा हमद की सरकार।

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