अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को लेकर उपजे तनाव के बीच भारतीय राजदूत ने अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की। भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी सांसदों से द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की।
भारतीय राजदूत ने सीनेटर बिल हेगर्टी को भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए निरंतर और मजबूत समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों के लिए जारी द्विपक्षीय चर्चाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी। उन्होंने सीनेटर हेगर्टी के साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हाइड्रोकार्बन में भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार पर भी अपना दृष्टिकोण साझा किया।
इसके अलावा क्वात्रा ने कांग्रेस सदस्य ग्रेग लैंड्समैन के साथ भी बातचीत की और उन्हें द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में प्रगति के बारे में जानकारी दी। क्वात्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कांग्रेस सदस्य ग्रेग लैंड्समैन को द्विपक्षीय व्यापार संबंधों, ऊर्जा सुरक्षा में हाल के घटनाक्रमों तथा हमारे देशों के बीच बढ़ती हाइड्रोकार्बन साझेदारी के बारे में जानकारी दी।
इससे पहले क्वात्रा ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और साइबर उपसमिति, हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के रैंकिंग सदस्य प्रतिनिधि जोश गोटेहाइमर से मुलाकात की। क्वात्रा ने उनसे तेल और गैस में दोतरफा व्यापार और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों पर चर्चा की। क्वात्रा कहा कि तेल और गैस में दोतरफा व्यापार और संतुलित, निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार संबंधों सहित द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग में नवीनतम विकास पर अपडेट साझा किए।
क्वात्रा ने नौ अगस्त से अब तक 16 अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की है। ये बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसमें 27 अगस्त से लागू होने वाले रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत टैरिफ भी शामिल है।
रूस से कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मास्को पर प्रतिबंध लगाने और उसकी आपूर्ति बंद करने के बाद भारत ने छूट पर बेचे जाने वाले रूसी तेल को खरीदना शुरू कर दिया।