अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो)
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इराक के अति सुरक्षित ग्रीन जोन क्षेत्र स्थित अमेरिकी दूतावास को तीन रॉकेटों से निशाना बनाया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि इसमें कोई हताहत हुआ है या नहीं। लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस हमले के लिए ईरान का संरक्षण प्राप्त लड़ाकों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका ने तीखे शब्दों में इन हमलों की निंदा की है।
इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद नए सिरे से देश में अशांति फैलने की आशंका है। बताया गया कि दूतावास की सी-रैम रक्षा प्रणाली का उपयोग रॉकेटों को हवा में ही नष्ट करने के लिए किया गया। इस दौरान संपत्ति और खड़ी कारों को नुकसान हुआ है।
बता दें कि ईरानी जनरल सुलेमानी की हत्या की 3 जनवरी को पहली बरसी से पहले अमेरिका ने इस माह की शुरुआत में ही बगदाद में अपने दूतावास से कुछ कर्मचारियों को बुलाया था। ये कर्मचारी वहं पर अस्थायी तौर पर काम कर रहे थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि इन कर्मियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि इस हमले से एक इराकी नागरिक हताहत हुआ है और इराक की संपत्ति को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा ईरान समर्थित मिलिइशया इराक की शांति में सबसे बड़ी बाधा हैं।
सुलेमानी की हत्या का बदला लिया तो हम चुप नहीं बैठेंगे : अमेरिकी जनरल
मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना के प्रमुख ने चेताया है कि यदि ईरान ने अपने जनरल की पिछले साल हुई हत्या की पहली बरसी पर कोई हमला किया तो वाशिंगटन भी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा, हम इस क्षेत्र में अपने, अपने दोस्तों और सहयोगियों का बचाव करने के लिए तैयार हैं, और यदि जरूरी हुआ तो हम चुप नहीं बैठेंगे।
धार्मिक नेताओं ने भी की हमले की निंदा
शिया नेता मुक्तदा अल सद्र ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि ये आतंकवादी संगठन आम नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। अल सद्र ने सरकार से बगदाद में आपातकाल की स्थिति घोषित करने और नागरिकों और राजनयिक मिशनों की रक्षा करने का आह्वान किया है।