अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण करते ही अमेरिकी की राजनीति में कई सारे बदलाव देखने को मिल रहे है। इसी बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है कि यू.एस. जनगणना ब्यूरो के निदेशक रॉबर्ट सैंटोस ने अपने पांच साल के कार्यकाल के मध्य में पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
उन्होंने गुरुवार शाम एक पत्र में कहा कि यह निर्णय उन्होंने गहन चिंतन के बाद लिया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि वह अब अपने परिवार के साथ समय बिताने की योजना बना रहे हैं। सैंटोस ने 2022 में ब्यूरो के 26वें निदेशक के रूप में शपथ ली थी और वह इसके पहले हिस्पैनिक नेता थे।
डोनाल्ड ट्रंप का रास्ता साफ
देखा जाए तो सैंटोस का इस्तीफा देने का फैसला 2030 की जनगणना से पहले आया है, जो अगले दशक के लिए देश की राजनीतिक शक्ति और संघीय निधियों का निर्धारण करेगी। उनका इस्तीफा अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एजेंसी के नेतृत्व को नया रूप देने का अवसर प्रदान करता है, क्योंकि उनकी पार्टी अवैध रूप से रहने वाले लोगों को जनगणना में शामिल नहीं करने की कोशिश कर रही है। इस पर विवाद बढ़ गया है, क्योंकि कुछ रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि नागरिक मतदान-आयु जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए प्रतिनिधित्व को फिर से आकार देना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।
रिपब्लिकन विशेषज्ञ का तर्क
रिपब्लिकन पुनर्वितरण विशेषज्ञ का कहना है कि यदि कांग्रेस और विधायी जिलों के पुनर्निर्माण के लिए कुल जनसंख्या के बजाय केवल नागरिक मतदान-आयु (जो 18 साल और उससे ऊपर के लोग होते हैं) जनसंख्या का इस्तेमाल किया जाए, तो यह रिपब्लिकन और गैर-हिस्पैनिक गोरों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसका मतलब है कि यदि जनगणना में केवल वे लोग गिने जाएं जो वोट देने के योग्य हैं (मतदान आयु वाले), तो कुछ राज्यों और इलाकों में रिपब्लिकन को ज्यादा सीटें मिल सकती हैं, क्योंकि नागरिक मतदान-आयु जनसंख्या का वितरण उन इलाकों में अधिक हो सकता है, जहां रिपब्लिकन को ज्यादा समर्थन मिल सकता है।
इसके अलावा, जनगणना के आंकड़े संघीय धन के वितरण को भी प्रभावित करते हैं, जैसे सड़कों, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य सरकारी कार्यक्रमों के लिए राज्यों को मिलने वाले 2.8 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर। इसलिए, जनगणना के आंकड़े न केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बल्कि राज्य सरकारों के लिए वित्तीय सहायता के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं।
नागरिक अधिकार समूह ने ट्रंप से की अपील
साथ ही सैंटोस के इस्तीफे के बाद नागरिक अधिकार समूहों ने ट्रंप से अपील की है कि वह जनगणना ब्यूरो का नेतृत्व एक निष्पक्ष और ईमानदार नेता को सौंपें, ताकि डेटा संग्रह और रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बनी रहे।
सैंटोस का जनगणना ब्यूरो में विश्वास बहाल करने पर जोर
गौरतलब है कि सैंटोस ने अपने कार्यकाल दौरान ट्रंप के पहले कार्यकाल के बाद जनगणना ब्यूरो में विश्वास बहाल करने पर जोर दिया था, जब एजेंसी को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने के प्रयास किए गए थे। जनगणना ब्यूरो में शामिल होने से पहले सैंटोस शहरी संस्थान में उपाध्यक्ष थे और उन्होंने चार दशकों तक सांख्यिकी और सर्वेक्षण अनुसंधान में काम किया।