नए पीएम ऋषि सुनक की दौलत सम्राट चार्ल्स तृतीय से दोगुनी से भी ज्यादा है। महाराजा के पास 37 करोड़ पाउंड संपत्ति है, जबकि ऋषि और उनकी पत्नी अक्षता के पास 73 करोड़ पाउंड। हालांकि लंकाशायर की चार्ल्स की अचल संपत्ति को जोड़ा जाए तो वह कहीं ज्यादा होगी। यह 14 सदी से महाराजा के कब्जे में है।
सुनक को ब्रिटेन ब्रिटेन का सबसे अमीर पीएम कहा जा रहा है। अक्षता के पास पिता नारायण मूर्ति की कंपनी इन्फोसिस के 0.91 फीसदी 3.9 करोड़ शेयर हैं। मॉरिशस से निवेश करने वाली वित्तीय कंपनी पर भी मालिकाना हक है। अक्षता को इन्फोसिस से 2022 में 126.61 करोड़ रुपये कमाए।
अकूत संपत्ति के कारण निशाने पर
पीएम पद के चुनाव प्रचार के दौरान, ऋषि सुनक भव्य घर, महंगे सूट और जूते सहित अपनी और पत्नी की अकूत दौलत के कारण निशाने पर रहे। यॉर्कशायर में हवेली के मालिक होने के अलावा, सुनक और अक्षता के पास लंदन में भी एक टाउन हाउस है। इसके अलावा उनके पास कैलिफोर्निया में भी एक पेंटहाउस है।
पढ़ाई के दौरान मुलाकात, 3 साल बाद बंगलूरू में विवाह
स्टैनफर्ड में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात इन्फोसिस के संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई। कर्नाटक के हुबली में जन्मीं अक्षता स्टैनफोर्ड में एमबीए कर रही थीं। तीन साल बाद 2009 में ऋषि ने अक्षता मूर्ति से बंगलूरू में शादी की थी। उनकी दो बेटियां अनुष्का और कृष्णा हैं।
ऋषि को बधाई। उन पर गर्व है। उनकी सफलता की कामना करते हैं। भरोसा है कि ऋषि ब्रिटेन के लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे।
-एनआर नारायण मूर्ति
दुनियाभर से बधाइयां
बधाई, यूक्रेन युद्ध और यूरोप के लिए इसके परिणामों समेत सभी चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए हम आपसी सहयोग जारी रखेंगे।
-इमैनुअल मेक्रो, राष्ट्रपति, फ्रांस
मैं उम्मीद करता हूं कि आप ब्रिटेन के सामने मौजूद सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगे। मैं यूक्रेन और ब्रिटेन के संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार हूं।
-वोलोदिमीर जेलेंस्की, राष्ट्रपति यूक्रेन
पीएम बनने पर बधाई। उम्मीद है कि ईयू और ब्रिटेन के बीच नॉर्दर्न आयरलैंड प्रोटोकॉल विवाद के बावजूद हमारे समझौतों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।
-उर्सला वेन डार, अध्यक्ष यूरोपीय कमीशन
ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के बाद भी हमारे लिए दोनों देशोें के संबंध सुधरने की उम्मीद करने का कोई कारण नहीं है।
-दिमित्री पेस्कोव, प्रवक्ता रूस
हम साझा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। एक साथ काम करके ही इनसे निपटा जा सकता है और स्थायित्व हासिल किया जा सकता है।
-चार्ल्स माइकल, यूरोपीय परिषद अध्यक्ष