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बढ़ती भुखमरी के बीच करोड़पति अमेरिकियों को सताई टैक्स बढ़ने की चिंता

Thu, 24 Dec 2020 04:05 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

सर्वे के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के 89 फीसदी समर्थकों ने कहा कि चार लाख डॉलर से ऊपर की आमदनी वालों लोगों पर टैक्स बढ़ाना सही नीति होगी। रिपब्लिकन पार्टी के भी 62 फीसदी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया...
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जो बाइडन - फोटो : ANI (File)
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विस्तार
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अमेरिका के करोड़पतियों को इस सवाल ने परेशान कर रखा है कि क्या अगले साल उन पर टैक्स बढ़ जाएगा। ये बात टीवी चैनल सीएनबीसी के एक सर्वे से जाहिर हुई। इस बीच अमेरिका में गरीबी और मध्य वर्ग के लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ने की खबरें लगातार मिल रही हैं। एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना महामारी के बाद देश में एक तिहाई बालिग लोगों के लिए अपना रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सेंटर फॉर बजट एंड पॉलिसी प्रायोरिटीज के हाल में जारी एक अध्ययन से ये तथ्य सामने आया है।

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इस थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा- ‘महामारी और उसके आर्थिक नतीजों का प्रभाव व्यापक रूप से पड़ा है। लेकिन इसका खासकर बुरा असर ब्लैक, लातिनो, मूलवासी और आव्रजक समुदायों पर पड़ा है।’ इस रिपोर्ट के मुताबिक जिन परिवारों की आमदनी सालाना 25 हजार डॉलर से कम है, उनमें 63 फीसदी ऐसे हैं, जिनके लिए खाने का खर्च, कर्ज के ब्याज, मेडिकल खर्च, स्टूडेन्ट लोन या कार ऋण की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है।


इसके पहले 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक परिवारों की हालत जानने के लिए हुए सर्वेक्षण- हाउसहोल्ड पल्स सर्वे के दौरान दो करोड़ 70 लाख बालिग व्यक्तियों ने यह कहा था कि बीते सात दिनों में ऐसी हालत आई, जब उनके घर में खाने के लिए कुछ नहीं था। यानी देश के 13 फीसदी वयस्क भुखमरी का शिकार हो गए हैँ। 2019 के बारे में अमेरिका के कृषि मंत्रालय के सर्वे के हुए सर्वे में ऐसे लोगों की संख्या सिर्फ 3.4 फीसदी बताई गई थी। यानी इस साल भुखमरी के शिकार लोगों की तादाद में भारी बढ़ोतरी हुई है।
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नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन ने वादा किया था कि वे देश में बदहाल लोगों की मदद की योजनाएं लागू करेंगे। उन्होंने कहा था कि इसके लिए धन अमीर लोगों पर टैक्स बढ़ाकर जुटाया जाएगा। बाइडन के चुनाव घोषणापत्र में चार लाख डॉलर से ज्यादा सालाना आमदनी वाले लोगों पर टैक्स बढ़ाने का वादा किया गया है। सीएनबीसी के ताजा सर्वे से ये बात सामने आई कि लगभग दो तिहाई करोड़पति टैक्स बढ़ने की आशंका से ग्रस्त हैं।

सीएनबीसी ने इस सर्वे में 750 लोगों की राय ली। उनमें से लगभग दो तिहाई ने माना कि टैक्स बढ़ेगा। उनमें से 43 फीसदी लोगों ने बाइडन के इस वायदे पर यह कहते हुए नाराजगी जताई कि अमेरिका में पहले से ही टैक्स बहुत ज्यादा है। 50 फीसदी करोड़पतियों ने कहा कि अभी जो टैक्स की दर है, वह उचित है। जबकि ऐसे सिर्फ आठ फीसदी करोड़पति हैं, जिन्होंने कहा कि अभी वे बहुत कम टैक्स देते हैं।

फिलहाल ज्यादातर करोड़पतियों ने इस बारे में नहीं सोचा है कि टैक्स दरें बढ़ने की स्थिति में वे अपने निवेश या वित्तीय नियोजन में क्या बदलाव लाएंगे। लेकिन 17 फीसदी करोड़पतियों ने उस हाल में अपने शेयर बेच देने और 16 फीसदी ने जायदाद संबंधी अपनी योजनाओं को बदलने की बात सर्वे के दौरान कही। करोड़पतियों को ज्यादा चिंता बाइडन के टैक्स प्रस्तावों के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी में मौजूद भारी समर्थन के कारण है।

सर्वे के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के 89 फीसदी समर्थकों ने कहा कि चार लाख डॉलर से ऊपर की आमदनी वालों लोगों पर टैक्स बढ़ाना सही नीति होगी। रिपब्लिकन पार्टी के भी 62 फीसदी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। डेमोक्रेटिक पार्टी में सोशलिस्ट नेता बर्नी सैंडर्स के समर्थक प्रोग्रेसिव ब्लॉक की बढ़ी ताकत के कारण ये धारणा गहराती गई है कि जो बाइडन को ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे वे आर्थिक न्याय की दिशा में बढ़ते नजर आएं।

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