सऊदी अरब मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या से पहले चार सऊदी गुर्गों को अमेरिका में प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण की मंजूरी पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी थी। इस मामले में कुछ दस्तावेजों और मामले से परिचित लोगों ने खुलासा किया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के कम से कम पहले वर्ष तक यह प्रशिक्षण जारी रहा।
ओबामा प्रशासन के तहत अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पहली बार 2014 में सऊदी रॉयल गार्ड को अर्कांसस स्थित सुरक्षा कंपनी टियर-1 ग्रुप से अर्धसैनिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का लाइसेंस दिया था, जिसका स्वामित्व सेर्बरस कैपिटल मैनेजमेंट के पास है। खशोगी की मौत में शामिल चार सऊदी गुर्गों ने 2017 में प्रशिक्षण हासिल किया। दो सदस्यों ने अक्तूबर 2014 से जनवरी 2015 तक भी प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
इस अर्धसैनिक प्रशिक्षण में सुरक्षित निशानेबाजी, हमले का मुकाबला, निगरानी और नजदीकी लड़ाई शामिल थी। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया टीम के निदेशक ने एक अवर्गीकृत रिपोर्ट में पहले ही दावा किया था कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश पर अक्तूबर 2018 में तुर्की स्थित इस्तांबुल सऊदी वाणिज्य दूतावास में खशोगी की हत्या के लिए सुनियोजित ऑपरेशन चलाया गया।
रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं : नेड प्राइस
इस रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि हम किसी भी लाइसेंस्ड डिफेंस एक्सपोर्ट एक्टिविटी पर टिप्पणी नहीं करेंगे। प्राइस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की सऊदी अरब के लिए नीति कानून का शासन और मानवाधिकार की स्थापना को प्राथमिकता देगी।
संसद नहीं भेजे गए मामले की पुष्टि के दस्तावेज
टियर-1 ग्रुप की पैरेंट कंपनी सर्बरस कैपिटल मैनेजमेंट के वरिष्ठ कार्यकारी लुइस ब्रेमर ने पिछले साल संसद के सवालों का जवाब देते हुए इस प्रशिक्षण की खबर की पुष्टि की थी। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ब्रेमर का नामांकन वापस ले लिया और जवाबों का दस्तावेज कभी संसद भेजा ही नहीं गया।