जिम्बाब्वे की सत्ता पर 37 सालों से काबिज राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सैन्य तख्तापलट के बाद मुगाबे ने पहले तो इस्तीफे से इनकार कर दिया था मगर मंगलवार को उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी।
लेकिन इस प्रकिया से पहले ही पद छोड़ने वाले राष्ट्रपति रॉबर्ट मुबागे से राजनीति के दांवपेच सीखने वाले एमरसन मनगवां को जिम्बाव्वे में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल का नया नेता चुना गया है। अपने समर्थकों में क्रोकोडाइल के नाम से चर्चित 75 साल के मनगवां कुछ ही घंटों में सत्ता की बागडोर संभाल लेंगे। जिम्बाब्वे की संसद के अध्यक्ष जैकब मुडेंडा ने इसकी घोषणा की। स्पीकर मुडेंडा ने मुगाबे का पत्र पढ़ा।
मुगाबे ने पत्र में लिखा कि मैं रॉबर्ट गैब्रिएल मुगाबे जिम्बाब्वे के संविधान की धार 96 के तहत औपचारिक तौर पर तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देता हूं। इस महत्वपूर्ण घटना की खबर संसद के विशेष संयुक्त सत्र को दी गई थी। 1980 में जिम्बाब्वे की स्वतंत्रता के बाद से ही वहां की सत्ता पर काबिज रहने वाले मुगाबे को पद से हटाने के लिए सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए बैठक की थी।
मुगाबे के इस्तीफे की खबर सुनते ही हरारे की सड़कों पर कार के हॉर्न तेजी से बजने लगे और लोग जश्न के माहौल में डूब गए। जिम्बाब्वे के लिए यह सप्ताह काफी मुश्किलों भरा रहा जिसमें सेना ने देश की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी। इसके बाद हजारों नागरिक सड़कों पर आकर 93 वर्षीय मुगाबे की इस्तीफे की मांग करने लगे जो कि अभी भी सत्ता में बने रहना चाहते थे।
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मुगाबे के इस्तीफे की खबर सुनते ही हरारे की सड़कों पर कार के हॉर्न तेजी से बजने लगे और लोग जश्न के माहौल में डूब गए। जिम्बाब्वे के लिए यह सप्ताह काफी मुश्किलों भरा रहा जिसमें सेना ने देश की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी। इसके बाद हजारों नागरिक सड़कों पर आकर 93 वर्षीय मुगाबे की इस्तीफे की मांग करने लगे जो कि अभी भी सत्ता में बने रहना चाहते थे।