विवादित कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक के भारत आने की खबरों को मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के सिरे से खारिज करने के बाद उसने (जाकिर) ने एक बार फिर मलयेशिया की सरकार का शुक्रिया अदा किया है। साथ ही उसने भारत में भी न्याय और शांति लौटने की कामना की है।
जाकिर नाईक ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा, "मैं मलयेशिया की सरकार और प्रधानमंत्री का मुझे यहां रहने देने की इजाजत देने के लिए का शुक्रिया अदा करता हूं। इस फैसले से मलयेशिया के न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द पर फिर से भरोसा कायम हुआ है। इसके साथ ही मैं दुआ करता हूं कि भारत में भी न्याय और शांति लौट आए।"
उल्लेखनीय है कि मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातिर ने मंगलवार को कहा था कि जाकिर नाईक को सौंपने की भारत की मांग आसानी से पूरी नहीं होगी। मलयेशिया के पीएम ने यह बयान जाकिर से मुलाकात के तीन दिन बाद दिया था।
बता दें कि जाकिर भारत में कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में आरोपी है। वह 2016 में भारत छोड़ चुका है। न्यू स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मलयेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी प्रकार की मांग को पूरा करने से पहले सभी पहलुओं की जांच करती है। ऐसा नहीं होने पर कोई भी शिकार हो सकता है।
इससे पहले, महातिर ने पिछले सप्ताह कहा था कि जाकिर को भारतीय अधिकारियों को नहीं सौंपा जाएगा। नाईक को मलयेशिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिल चुकी है। पीएम ने कहा था कि जाकिर जब तक यहां कोई गड़बड़ी नहीं करता है तब तक मलयेशिया में रह सकता है। मालूम हो कि मलयेशिया की भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि है और भारत नाईक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक आग्रह कर चुका है।