अफगानिस्तान के अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान ने एक महिला सांसद को उस समय अगवा कर लिया जब वो अपने बच्चों के साथ राजधानी काबुल के दक्षिण में ग्रामीण इलाके से गुजर रही थीं।
पुलिस ने कहा है कि फारिबा अहमदी काकर को हथियारबंद आदमियों ने उस समय अगवा कर लिया जब वो अपनी तीन बेटियों के साथ मध्य गजनी प्रांत में थीं।
यह पहली बार है कि जब चरमपंथियों ने किसी महिला सांसद का अपहरण किया है।
अपहरणकर्ताओं की मांग
पुलिस ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने काकर की रिहाई के बदले में जेलों में बंद तालिबान के चार सदस्यों को छोड़ने की मांग की है।
एक अभियान में काकर के बच्चों को रिहा करा लिया गया है। यह नैटो सुरक्षा बलों और अफगानिस्तान की खुफिया सेवा का एक साझा अभियान था। कहा जा रहा है कि काकर को किसी अन्य जगह पर रखा गया है।
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता कारेन एलन का कहना है कि काकर का अपहरण अफगानिस्तान में प्रमुख महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों में कुछ अलग है।
हमारे संवाददाता का कहना है कि ऐसे में जब अगले साल के अंत में नैटो के सैनिक अफगानिस्तान से जाने की तैयारी कर रहे हैं, अफगानी महिलाओं के लिए वास्तविक चिंताएं उभरने लगी हैं।
अभी पिछले महीने ही हेलमंद प्रांत में एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी को उस समय गोली मार दी गई थी जब वो काम पर जा रही थीं।
वहीं पिछले हफ्ते अफगानी सिनेटर रूह गुल अपने पति के साथ एक हमले में बाल-बाल बच गई थीं। जबकि इस हमले में उनकी बेटी की मौत हो गई थी।